एक बच्ची को रेस्क्यू करते सेना के जवान
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प्रदेश में आई बाढ़ से अब तक 59 लोगों की जानें जा चुकी है। इसके अलावा कई परिवार बेघर हो चुके है। अब भी हालातों में सुधार नहीं है और राहत व बचाव कार्य जारी हैं।
राजस्थान के आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने एक समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेश के बाड़मेर, पाली सिरोही एवं जालोर के 1290 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। कटारिया के मुताबिक मरे 59 में से 42 के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपए दिए गए हैं। अब तक 1.68 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों के लोगों को 10-10 लाख रुपए का रिवाल्विंग फंड भी दिया जा चुका है तथा बेघरबार हुए लोगों को 3 हजार 800 रुपये नकद सहायता भी दी जा रही है।
आपदा एवं प्रबंधन मंत्री ने बताया कि इस वर्ष बाढ़ के दौरान बाड़मेर, पाली, सिरोही एवं जालोर जिलों में 36 लोगों की डूबने से मृत्यु हुई, इनमें से 15 मृतकों के आश्रितों के प्रत्येक को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
साथ ही, आकाशीय बिजली गिरने से 20 एवं मकान की दीवार गिरने के कारण 3 व्यक्तियों की मृत्यु हुई।
1309 लोगों को बचाया, 1514 लोग राहत शिवरों में
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र
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प्रदेश के जालोर, सिरोही, पाली, बाड़मेर जिलों में 24 राहत शिविर खोले गए, इनमें 1514 लोगों को सहायता दी गई है। इन 4 जिलों में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से 4614 मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए तथा 5518 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, जिन्हें एनडीआरएफ मानदण्ड के अनुसार सहायता शीघ्र ही उपलब्ध कराई जाएगी।
इसी प्रकार इन 4 जिलों में बाढ़ से 5699 पशु हानि हुई है, इसके लिए भी पशुपालकों को निर्धारित मानदण्ड अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यहां उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने गत वर्ष ही एसडीआरएफ के 229 लोगों को फ्लड डिजास्टर रेसपोन्स कोर्स के लिए 60 लाख रुपए व्यय कर कलकत्ता से विशेष प्रशिक्षण दिलवाया। जिन्होंने इस बाढ से सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया।
इन प्रशिक्षित लोगों ने 4 जिलों में बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में कुल 1309 लोगों को बचाया गया। पिछले 3 वर्षों से हेलीकाप्टर्स को बाढ़ से पहले ही निकटतम स्थानों पर रखा जाता है। इस वर्ष जोधपुर व फलोदी में हेलीकाप्टर रखे गए हैं।