पांच साल बाद एक बार फिर जयपुर में 52 अरब हस्त लिखित राम नाम महाकुंभ की महापरिक्रमा की शुरुआत हुई। जयपुर के आराध्य गोविंद देव मंदिर परिसर स्थित सत्संग भवन में रामनाम महामंत्रों की परिक्रमा शुरू हुई।
हाथ से अरबों बार राम का नाम लिखने का सिलसिला 30 साल पहले शुरू हुआ जो अब तक जारी है। यह पहल अजमेर के रामनाम धन संग्रह बैंक की ओर से शुरू की गई। त्रिवेणी धाम के नारायणदास महाराज ने पूजन कर परिक्रमा का श्रीगणेश किया। परिक्रमा 19 अप्रेल तक चलेगी, जिसमें रामभक्त परिक्रमा करेंगे। इससे पहले वर्ष 2007 में और साल 2012 में भी जयपुर में हस्तलिखित रामनाम महामंत्रों की परिक्रमा का भव्य आयोजन हो चुका है। इस मौके पर महंत अंजन कुमार गोस्वामी व मानस गोस्वामी भी मौजूद थे।
परिक्रमा स्थल पर भव्य राम दरबार की झांकिया सजाई गई है। परिक्रमा स्थल पर श्रद्धालुओं को संतों के प्रवचन और रामनाम की महिमा के व्याखान होंगे। जहां तक बात 52 अरब हस्त लिखित राम नाम की है ये अजमेर के रामनाम धन संग्रह बैंक की ओर से तैयार किया गया है। इस संस्थान के तहत आने वाले मानवसेवा मंगल न्यास की ओर से हस्तलिखित राम नाम लेखन का संग्रह वर्ष 1987 से लगातार किया जा रहा है।