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देश में हर साल बढ़ रहे हैं डेढ़ लाख ब्रेस्ट कैंसर के नए रोगी: रिपोर्ट

Mon, 09 Oct 2017 03:05 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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पॉपूलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (पीबीसीआर) के अनुसार भारत में एक साल में करीब 1,44,000 ब्रेस्ट कैंसर के नए रोगी सामने आ रहे हैं। गलत जीवनशैली और जागरूकता की कमी के चलते भारत में ब्रेस्ट कैंसर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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विश्वभर में अक्टूबर माह ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के रूम में मनाया जाता है। इस मौके पर ब्रेस्ट कैंसर रोग विशेषज्ञों ने इस गंभीर बीमारी के बारे में बातचीत की जिस दौरान उन्होनें काफी आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत किए। कैंसर रिसर्च की इंटरनेशनल रिसर्च एजेंसी ग्लोबेकेन में सामने आया है कि इंडिया में 2012 में 144937 ब्रेस्ट कैंसर पेशेंट महिलाएं इलाज के लिए सामने आई। वहीं इस साल 70218 ब्रेस्ट कैंसर पेशेंट ने दम तोड़ चुकी है।

इस रिपोर्ट में सामने आया कि देश में ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित हर दूसरे पेशेंट की मृत्यु हो रही है। इंडियन काउंसिल आॅफ मेडिकल रिसर्च आईसएमआर ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि वर्तमान में कैंसर के एक साल में 14.5 लाख नए केस दर्ज हो रहे है। ऐसे में 2020 में इन केसेज की संख्या 17.3 लाख तक पहुंच जाएगी। आईसीएमआर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि देश में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है।
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30 की उम्र के बाद बच्चा पैदा करने से स्तन कैंसर के चांस ज्यादा

e - फोटो : Getty Images
भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमसीएचआरसी) की रेडिएशन ऑन्कोलॉजी की विभागाध्यक्ष, सीनियर कंसल्टेंट डॉ निधि पाटनी ने बताया कि बढ़ती उम्र, मोटापा, रजोस्त्राव का उम्र के साथ जल्दी आना और देर तक रहना, पहला बच्चा 30 की उम्र के बाद होना, स्तनपान कम या नहीं करवाना और अनुवांशिकता ब्रेस्ट कैंसर की संभावना को बढ़ाता है।

इसके साथ ही पिल्स या हॉर्मोन्स रिप्लेसमेंट थैरेपी (एचआरटी) का लम्बे समय तक प्रयोग भी इसके लिए उत्तरदायी हो सकता है। सही उम्र में वैवाहिक जीवन की शुरूआत, गर्भनिरोधक गोलियों से दूरी, स्तनपान करवाने, शारीरिक रूप से स्वस्थ रहकर और शराब से दूरी बनाकर ब्रेस्ट कैंसर की संभावनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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