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भगवान बचाए ऐसी बीवी से, कसाई बन पति की खाल उधेेड़ी और डिनर बना दिया

Thu, 31 Mar 2016 03:50 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • पति की खाल उधेड़ने वाली महिला पर बनेगी फिल्म
  • कंगारू महिला ने अपने ही पति को मारकर उधेड़ी थी खाल
  • नरभक्षी बनी महिला ने लाश के टुकड़ों से बनाया था डिनर
  • पति की लाश से बने डिनर को बच्चों को भी परोस दिया
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जल्द ही एक नरभक्षी बीवी की दस्तान हॉलीवुड फिल्म में - फोटो : द गार्जियन
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विस्तार
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दिलो-दिमाग को झकझोरने और रूह कंपा देने वाली फिल्मों की कमी नहीं है। अब एक और ऐसी ही फिल्म बनने जा रही है। खास बात ये है कि फिल्म की पटकथा उस सच्ची घटना पर आधारित है, जिसका ख्याल भर जेहन में खौफ भर देता है।
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साल 2000, मार्च के महीने की पहली तारीख। ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथवेल्स का हंटरवैली इलाका। घर के अंदर कसाईघर वाले एक हुक से आदमी की उधेड़ी हुई खाल लटक रही थी। स्टोव की धीमी आंच पर उसकी खोपड़ी पक रही थी। कमर के नीचे के हिस्सों को टुकड़ों में काटकर सब्जियों और ग्रेवी के साथ पकाया गया था। टुंकड़ों में बंटी लाश के बाकी हिस्से कमरे में इधर-उधर पड़े थे। 

पुलिस ने जब उस घर में कदम रखा तो मुंह से चीख निकल गई। जांच करने पर पता चला कि नरभक्षी बनी एक बीवी ने ही अपने पति को ही ये हालत की। उसने पति की लाश से बने खाने को अपने जवान होते बच्चों को भी परोसा था।
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इस तस्वीर में नरभक्षी महिला कैथरीन नाइट और उसके उसके मुंह का निवाला बने जॉन प्राइस दोनों हैं। द गार्जियन की खबर के मुताबिक कैथरीन ने जॉन प्राइस की खाल उधेड़ते वक्त 37 वार धारदार हथियार से गोदा था।

जल्द ही उस खौैफनाक मंजर से पर्दे पर वाकिफ होगे दर्शक

बिना परोल के उम्रकैद पाने वाली ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला - फोटो : द गार्जियन
कैथरीन एक कसाईघर में काम करती थी। इस वारदात से पहले वो अपने पति जॉन के साथ सामान्य जीवन गुजार रही थी। 

साल 2001 में वारदात को अंजाम देने के लिए दोषी पाई गई कैथरीन को अदालत ने बिनी किसी परोल के उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बिना परोल के ऐसी सजा पाने वाली कैथरीन ऑस्ट्रलिया की पहली महिला भी बन गई।

आज जेल में कैद कैथरीन 60 साल की बुजुर्ग महिला हो चुकी है। साल 2006 में उसने अपनी सजा कम करने के लिए अदालत में याचिका भी दायर की थी, लेकिन कैथरीन का गुनाह अदालत को इतना जघन्य लगा कि उसकी याचिका खारिज कर दी गई। 

इस महिला की कहानी ने जहां दुनियाभर के लोगों को दातों तले उंगलिया दबाने पर मजबूर किया है तो वहीं कुछ को उस दर्दनाक मंजर में पाठकों और दर्शकों के लिए संभावना नजर आई।
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पहले लिखी जा चुकी है उपन्यास 'ब्लड स्टेन्स'

भारी मशक्कत के बाद मिले फिल्म बनाने के अधिकार - फोटो : द गार्जियन
एक पत्रकार पीटर लेलर ने 'ब्लड स्टेन्स' के शीर्षक से कैथरीन की कहानी को उपन्यास में उतारा। इस केस के हर पहलू के पर ध्यान गड़ाए और ऑस्ट्रेलियाई स्क्रीन राइटर डेन मिलर्ड और रोज मरे को ने आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद उपन्यास का कॉपी राइट बीते साल हासिल किया। मिलर्ड के मुताबिक वो कैथरीन की कहानी को रुपहली दुनिया पर लाने के लिए बेताब हैं।

अमेरिका की प्रोडक्शन कंपनी शोरलिन एंटरटेनमेंट के सहयोग से फिल्म के कलाकारों और निर्देशक की पड़ताल भी शुरू हो गई है। 

जो लोग इस हृदविदारक वारदात से वाकिफ है या जो लोग इस घटना के बारे में नहीं जानते, उम्मीद की जा सकती है कि दोनों के लिए फिल्म में देखने के लिए काफी कुछ होगा।
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