दुबई की एक अदालत ने एक भारतीय कर्मचारी पर 87 लाख का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया और उसे तीन महीने के लिए जेल भेज दिया। कर्मी का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने ईमेल भेज यातायात विभाग से शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि गरीब लोगों को जान बूझकर ड्राइविंग टेस्ट में फेल कर उन्हें बार-बार आवेदन को मजबूर किया जाता है। इससे अधिकारी पैसे कमाते हैं और गरीब पर मार पड़ती है।
सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण ने इस ईमेल को अपमानजनक और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया और तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। मामला अदालत पहुंचा तो कर्मचारी को जुर्माने और जेल की सजा मिली।
हालांकि कर्मचारी ने कहा कि ड्राइविंग टेस्ट में फेल होने के चलते वह परेशान था। अदालत ने आदेश दिया है कि सजा पूरी होने के बाद दोषी को उसके देश निष्काशित कर दिया जाएगा।