इस्लाम प्रचारक जाकिर नाइक के सहयोगी और करीबी आमिर अब्दुल मन्नान गजदार को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया है। गाजदार को नाइक की इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तार किया गया है। गाजदार ने नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को दिए बयान में कहा कि नाइक ने मैनेजर असलम कुरैशी ने अगस्त से अक्तूबर के बीच उन्हें 149 करोड़ रुपये सुरक्षित रखने के लिए दिए।
यह टाइम वही है जब नाइक अपने भाषणों के लिए सुरक्षा एजेंसियों के निशान पर थे और उनकी पर युवाओं को भड़काने के आरोप लगाए जा रहे थे। बता दें कि नाइक की कपंनी लॉन्गलास्ट कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. और हार्मनी मीडिया प्रां. लि. में गाजदार की 5 फीसदी की हिस्सेदारी है। इसके अलावा वो उनकी दो अन्य कंपनियों, अल्फ लुब्रिकेंट्स और मजेस्टिक पर्फ्यूम्स, में 50 फीसदी का हिस्सा रखते हैं। इसके अलावा गाजदार आईआरएफ के ट्रस्टी भी हैं और साथी ही नाइक के यूके आधारित वेंचर युनिवर्सल ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन और लॉर्ड प्रॉडक्शन प्रा. लि. में निदेश भी हैं।
एनआईए को दिए बयान के अनुसार, नाइक छोटी कंपनियों और ट्रस्ट के बड़ा पैसा बनाते थे और उसके इंटरनेट के जरिए भेजा करते थे। गाजदार नाइक के करीबी बने और फिर उन्हें भी उनके और उनकी पत्नी फरहात के नाम पर बड़ी रकम दी जाने लगी। साथ ही नाइक की बहन नियाला ने बताया कि उन्हें 2013-14 से लेकर 2016-17 की बीच 29 करोड़ रुपए का लोन दिया गया।