इस्लामिक विद्वान डॉ. जाकिर नाईक एक बार फिर विवादों में हैं। ढाका में हुए आतंकी हमले के बाद खबर आई थी कि जिन आतंकियों ने रेस्टोरेंट पर हमला कर 22 लोगों की जान ली है, वे जाकिर नाईक के विचारों से प्रभावित थे।
यहां तक कि एक आतंकी ने सोशल साइट्स पर जाकिर नाईक का वह बयान भी शेयर किया था, जिसमें कहा गया था कि सभी मुसलमानों को आतंकी बनना चाहिए। लेकिन अब खुद जाकिर नाईक का कहना है कि आईएसआईएस 'गैर-इस्लामिक' है।
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए 50 वर्षीय नाईक ने ढाका आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा, "इस्लामिक स्टेट का नाम इस्तेमाल करके, हम इस्लाम की निंदा कर रहे हैं, जिन्होंने मासूम विदेशियों को मारा है वे इस्लामिक स्टेट इराक एंड सीरिया मुस्लिम विरोधी हैं।"
डॉक्टर नाईक ओसामा बिन लादेन को नहीं मानते आतंकवादी
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जाकिर नाईक ने मक्का से फोन पर करते हुए कहा कि वह इस बात से हैरान नहीं हैं कि ढाका के आतंकी उनके अनुयायी हैं, क्योंकि, 90 फीसदी बांग्लादेशी उन्हें जानते हैं। जाकिर ने कहा, 'मेरे फेसबुक पर 14 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं, जबकि विभिन्न भाषओं में करीब 200 मिलियन मेरे सैटेलाइट चैनल के दर्शक हैं। बांग्लादेश के बड़े से बड़े राजनीतिज्ञ विद्वान मेरे अनुयायी हैं। 50 प्रतिशत तो मेरे फैन होंगे, मुझे इस बात की कोई हैरानी नहीं है कि आतंकी मुझे जानते थे।'
वैसे आपको बता दें कि यह वही डॉक्टर नाईक हैं, जो ओसामा बिन लादेन को आतंकवादी नहीं मानते हैं। हमेशा विवादों में रहने वाले नाईक पर यूके, कनाडा में प्रतिबंध लगा हुआ है। उन पर भारत में भी प्रतिबंध लगाने की मांग उठती रहती है।
नाईक ने 1991 में इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की थी
2009 में न्यूयॉर्क के सबवे में फिदायीन हमले की साजिश रखने के आरोप में गिरफ्तार नजीबुल्ला जाजी के दोस्तों ने बताया था कि वे काफी वक्त तक डॉ. नाईक की तकरीरों को टीवी पर देखता था। 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में आरोपी राहिल शेख भी डॉ. नाईक से प्रभावित था।
हालांकि, जाकिर नाईक का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों को उनके खिलाफ आज तक किसी आतंकी गतिविधि में शामिल होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। आपको बता दें कि जाकिर नाईक अफ्रीका के रहने वेले पूर्व उपदेशक अहमद दीदात के अनुयायी हैं। नाईक ने 1991 में इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की।
जाकिर पर आईबी की नजर
गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा है कि जाकिर नाईक के भाषण चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा है कि इंटेलिजेंस ब्योरो (आईबी) की नजर जाकिर पर है। रिजिजू ने ने अपने एक बयान में कहा है कि एनआईए जाकिर नाईक के सभी भाषणों की जांच कर रही है।
आपको बता दें कि जाकिर नाईक को भारत में बैन करने के लिए मांग उठी है। जिसके बाद गृह राज्यमंत्री ने जाकिर के अब तक दिए सभी भाषणों की जांच के आदेश दिए हैं।