पीएम मोदी की कैबिनेट का विस्तार हो चुका है, लेकिन शिवसेना को कैबिनेट में जगह नहीं मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से शिवसेना को केन्द्र में एक भी सीट देने से मना करने के बावजूद भी शिवसेना के एक राज्य मंत्री अनंत गीते ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में हो रहे शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार नहीं किया, बल्कि इस समारोह में वह शामिल भी हुए।
सूत्रों के अनुसार केंद्र ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को साफ-साफ कह दिया था कि कैबिनेट में हो रहे फेरबदल में शिवसेना के सिर्फ एक नेता को शामिल किया जा सकता है, जिसे राज्य मंत्री की रैंक पर रखा जाएगा।
हालांकि, ठाकरे ने पीएम मोदी के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को उम्मीद थी कि उनकी पार्टी के सदस्य अनिल देसाई को कैबिनेट में जगह मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सूत्रों की मानें तो अगर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी शिवसेना को कैबिनेट में एक सीट दे भी देते तो पार्टी के टूटने का बहुत बड़ा खतरा था, क्योंकि पार्टी में चंद्रकांत खैरे, भावना गावली और संजय राउत तीनों ही कैबिनेट में जाना चाहते, लेकिन सिर्फ एक ही जा पाता।