इन मुद्दों पर बिछेगी सत्ता की चौसर
पुलवामा हमला और एयर स्ट्राइक सब मुद्दों पर हावी
पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमलों ने आम चुनाव से ठीक पहले कई मुद्दों को फिलहाल पटरी से उतार दिया है। पुलवामा में आतंकी हमले में 40 जवानों की शहादत के बाद इसके जवाब में पाकिस्तान में आतंकी ठिकाने तबाह करने की एयर स्ट्राइक ने विपक्षी मुद्दों को भी ढेर कर दिया है। हालांकि विपक्ष इस ऑपरेशन से जुड़े कुछ सवाल उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
किसान 17 साल में 45,000 करोड़ों का नुकसान
एक रिपोर्ट बताती है कि 17 साल में किसानों ने 45,000 करोड़ों का नुकसान झेला है। घाटे के कारण किसान खेती छोड़ना चाहते हैं। कर्ज के बोझ से होने वाली आत्महत्या रुक नहीं रही। दो दशक में तीन लाख किसानों ने जान दी हैं। वह भी तब, जबकि 2008 में मनमोहन सरकार ने कर्ज माफी की और उसके बाद आई भाजपा सरकार ने फसल की लागत का डेढ़ गुना कीमत देने का दावा किया। अब तो सम्मान निधि योजना से किसानों के खाते में सीधे राशि जानी शुरू हो गई है।
युवा 282 सीटों पर निर्णायक हैं फर्स्ट टाइम वोटर
इस बार 543 में 282 सीटें ऐसी हैं, जहां पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं की औसत संख्या करीब डेढ़ लाख है। पिछले लोकसभा चुनाव में 297 सीटों पर जीत का अंतर इससे कम ही था। ऐसे में निर्णायक युवा आबादी सभी दलों की प्राथमिकता है।आंकड़े बताते हैं कि 2005 से 2015 तक जरूरत 12 करोड़ रोजगार की थी, लेकिन डेढ़ करोड़ ही नौकरियां मिलीं।