दुनियाभर में लोगों का तनावग्रस्त होना कोई नई बात नहीं है। इससे बचने के लिए लोग मनोचिकित्सक, प्राणायाम आदि का सहारा लेते हैं। लेकिन अगर बात युवाओं की करें तो एक नई कहानी सामने आती है। आजकल के युवा तनाव की स्थिति में आने के बाद खुद को कई तरह से नुकसान पहुंचा रहे हैं। चिकित्सकीय क्षेत्र में युवाओं की इस तनावग्रस्त स्थिति को 'नॉन-सुसाइड डेलिबरेट सेल्फ हार्म' कहा जाता है।
यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें युवा खुद को ही नुकसान पहुंचाते हैं। वह खुदकुशी तो नहीं करते लेकिन अपने तनाव को कम करने के लिए कई तरह से खुद को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। मुंबई में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के तौर पर काम करने वाली सोनाली गुप्ता का कहना है कि उनके पास एक लड़की इलाज के लिए आई। उसने अक्तूबर के गर्म मौसम में भी फुल बाजू की कमीज पहनी हुई थी।