वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि राफेल लड़ाकू विमान सौदे की खरीद के ऑफसेट अनुबंध से भारत में युवाओं का कौशल विकास और उन्हें प्रशिक्षित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा इस सौदे में किसी भी ‘भाई’ को कोई धन नहीं दिया गया।
विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में सीतारमण ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस आरोप की ओर लक्ष्य कर यह बात कही जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था कि राफेल विमान सौदे में उद्योगपति अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए उन्हें ऑफसेट अनुबंध के तहत अरबों डालर का ठेका दिया गया।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस बारे में सबके सामने समझौता किया गया है जिसमें इस बात का पूरा ब्योरा है कि राफेल जेट विनिर्माता कंपनी दसाल्ट अनुबंध के तहत क्या क्या करेगी। इस कार्यक्रम के दौरान फ्रांस की कंपनी दसाल्ट एवियेशन ने आईटीआई नागपुर के साथ एयरोस्ट्रक्चर (विमान ढांचा) फिटर का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के लिये समझौते पर हस्ताक्षर किये।
वित्त मंत्री ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा, ‘राफेल पर हुई चर्चा के बारे में आप सभी जानते हैं। इसमें किसी भी ‘भाई’ को कोई पैसा नहीं दिया गया।’ उन्होंने कहा कि ऑफसेट से मिलने वाले धन का इस्तेमाल प्रशिक्षण कार्यों के लिये है और इस संबंध में दसाल्ट के साथ समझौते पर अब हस्ताक्षर किये गये हैं।