कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के कयासों के बीच प्रभावशाली लिंगायत समुदाय के वीरशैव साधु मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के समर्थन में सामने आ गए हैं। साधुओं ने सम्मेलन में प्रस्ताव पारित कर कहा है कि मुख्यमंत्री येदियुरप्पा अच्छा काम कर रहे हैं और उन्हें पद से हटाना उचित नहीं है।
बालेहोसूर मठ के महंत दिंगलेश्वर स्वामी ने कहा, हम मुख्यमंत्री का मनोबल बढ़ाने के लिए एकत्र हुए हैँ। हम न किसी के पक्ष में हैं और न विपक्ष में। हमारा एकमात्र उद्देश्य है कि अच्छा काम कर रहे मुख्यमंत्री को काम करने देना चाहिए। कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों के पांच सौ से अधिक वीरशैव लिंगायत साधुओं ने पैलेस ग्राउंड में एक सभा का आयोजन किया और येदियुरप्पा के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया।
सीएम रहूंगा या नहीं, कल पता चल जाएगा: येदियुरप्पा
इधर, मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने रविवार देर शाम कहा, मैं मुख्यमंत्री के पद पर बना रहूंगा या नहीं, यह कल तक पता चल जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व से अभी कोई संदेश नहीं मिला है। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे अगले 10-15 साल तक भजापा के लिए काम करते रहेंगे। बता दें, राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हैं और दलित वर्ग से मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है।
इससे पहले येदियुरप्पा ने कहा था कि वह हाईकमान के निर्देश के अनुसार ही फैसला करेंगे। उन्होंने कहा, हाईकमान से मुझे जल्द ही सुझाव मिलने की उम्मीद है। हाईकमान ही इस बारे में तय करेगा। आपको भी उनके फैसले के बारे में पता चल जाएगा। मुझे इसकी चिंता नहीं है।
बता दें, येदियुरप्पा सरकार के सोमवार को दो साल पूरे होने वाले हैं। 78 वर्षीय येदियुरप्पा ने कहा कि वह संतुष्ट हैं और वह अनुशासन नहीं तोड़ेंगे। कद्दावर लिंगायत नेता ने कहा, मुझे पार्टी में जितने पदों पर रहने का मौका मिला, उतना मौका कर्नाटक में किसी को भी नहीं मिला। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा का आभारी हूं। मेरा एकमात्र लक्ष्य पार्टी को 2023 में वापस सत्ता में लाना है।
येदियुरप्पा ने अच्छा काम किया: नड्डा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गोवा में कहा कि कर्नाटक में कोई राजनीतिक संकट की स्थित नहीं है और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने राज्य में अच्छा काम किया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, यह आपकी सोच हैं हम ऐसा नहीं सोचते।
बता दें कि दूसरी ओर कर्नाटक के मुख्यमंत्री के आवास पर भगवाधारी लिंगायत धर्मगुरुओं का जमावड़ा लग गया है। लिंगायतों के सबसे बड़े धर्मगुरु सिद्धलिंगास्वामी समेत लगभग 50 धर्मगुरु कर्नाटक के कोने-कोने से अपना समर्थन येदियुरप्पा को दे चुके हैं। उन्होंने भाजपा को भी येदियुरप्पा को सीएम पद से ना हटाने की चेतावनी दी है।
लिंगायत समुदाय कर्नाटक का सबसे बड़ा, धनाढ्य और प्रभावशाली समूह है। पिछले सप्ताह येदियुरप्पा दिल्ली आकर पार्टी नेतृत्व से परामर्श कर बंगलूरू वापस चले गए। उन्होंने कहा, उनसे इस्तीफा देने को नहीं कहा गया। बल्कि उन्हें पार्टी मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि पार्टी सूत्रों के अनुसार 78-वर्षीय येदियुरप्पा से अब कुर्सी खाली करने को कह दिया गया है।