जिला कलेक्टर अमोल येगे ने कहा कि हम किसानों के साथ हैं। सरकारी कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, सरकारी अधिकारी उनके मुद्दों को जानेंगे और समस्या का समाधान करेंगे।
महाराष्ट्र के यवतमाल में केवल अगस्त महीने में 48 किसानों के आत्महत्या करने से हड़कंप मचा हुआ है। आनन-फानन में जिलाधिकारी अमोल येगे ने कमेटी गठित कर दी है। उन्होंने खुद इस दुखद मौत के आंकड़े भी पेश किए हैं। आंकड़े के अनुसार इस साल सितंबर तक आत्महत्या के कुल 205 मामले सामने आ चुके हैं जो कि राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठा रहे हैं।
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हम किसानों के साथ समय बिताएंगे: जिला कलेक्टर
जिला कलेक्टर अमोल येगे ने कहा कि हम किसानों के साथ हैं। सरकारी कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, सरकारी अधिकारी उनके मुद्दों को जानने और उन्हें सरकारी योजनाओं और लाभों के बारे में सूचित करने के लिए 13-14 सितंबर को उनके साथ एक दिन बिताएंगे।
पिता ने की आत्महत्या लेकिन हमें प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली
वहीं एक स्थानीय किसान ने कहा कि हम पर करीब 12 लाख रुपये का कर्ज था, भारी बारिश से हमारी फसल बर्बाद हो गई। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे पिता आत्महत्या कर लेंगे लेकिन वह चुपचाप खेत में गए और कर लिया। हमें प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली। बीडीओ या कलेक्टर सहित कोई नहीं आया है यहां।