चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच गुरुवार को मुलाकात की। दोनों देशों के प्रमुखों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। मुलाकात ऐसे वक्त हुई है, जब रूस और यूक्रेन के बीच भीषण युद्ध जारी है। इसमें दावा किया जा रहा है कि यूक्रेन ने रूस को पछाड़ना शुरू का दिया है।
बताया जा रहा है कि शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) की आठ देशों की बैठक से इतर उज्बेकिस्तान में दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच बैठक हुई। एससीओ का गठन अमेरिका के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर किया गया है। इसमें भारत, पाकिस्तान और मध्य एशिया में पूर्व सोवियत संघ के चार देश शामिल हैं।
एससीओ की बैठक में यूक्रेन पर रूस के हमले के अलावा उज्बेकिस्तान के पड़ोसियों आर्मेनिया और आजरबैजान के बीच तनाव पर भी चर्चा हुई। इस दौरान तकनीक, सुरक्षा तथा सीमा के मुद्दों को लेकर चीन के साथ अमेरिका, यूरोप, जापान और भारत के संबंधों में आए तनाव पर बात हुई। शी के साथ अपनी बैठक से पहले पुतिन ने कड़े शब्दों में अमेरिका की आलोचना की थी। पुतिन ने यूक्रेन मुद्दे को अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर दुनिया पर बनाए जा रहे दबाव को खराब प्रयास करार दिया था।
पाकिस्तान को गैस की आपूर्ति कर सकता है रूस
इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से कहा कि उनका देश पाकिस्तान को गैस की आपूर्ति कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा पहले से ही मौजूद है। दरअसल, दोनों नेता उज्बेकिस्तान में शंघाई शिखर सम्मेलन (एससीओ) से इतर मिले।
ईरान के शामिल होने पर रूस खुश
पुतिन ने सम्मेलन से इतर अपने ईरानी समकक्ष इब्राहिम रायसी से भी मुलाकात की। उन्होंने ईरान के इस आठ-सदस्यीय समूह में शामिल होने पर खुशी जाहिर की। रूस की सरकारी एजेंसी ने पुतिन के हवाले से कहा कि जैसा कि हम आपसे सहमत थे, हमने ईरान के शंघाई सहयोग संगठन का पूर्ण सदस्य बनने के लिए सब कुछ किया है। इस संगठन में हमारे भागीदारों ने आपके आवेदन का समर्थन किया है।