फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिंताजनक: हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का स्तर घटने से पुरुषों में जल्दी मृत्यु का खतरा, अध्ययन में खुलासा

Sat, 18 May 2024 07:02 AM IST
निर्मल कांत अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।

सार

Testosterone Hormone: अध्ययनों में कम से कम पांच वर्षों तक पुरुषों पर नजर रखी गई। देखा गया कि सबसे कम टेस्टोस्टेरोन स्तर वाले पुरुषों की मृत्यु की संभावना अधिक थी। मृत लोगों में गहराई से जांच करने पर पता चलता है कि ज्यादातर मृत्यु हृदय रोग के कारण हुई।
विज्ञापन
Testosterone Hormone - फोटो : ANI (Representational Image)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का स्तर घटने से पुरुषों का जीवन छोटा होता है। एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार जब टेस्टोस्टेरोन के स्तर को प्रभावित करने संबंधी 11 उच्च गुणवत्ता वाले अध्ययनों के परिणामों को मिलाकर पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकाला। जिसके अनुसार जैसे-जैसे टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होता है पुरुषों में मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। अध्ययनों में कम से कम पांच वर्षों तक पुरुषों पर नजर रखी गई। देखा गया कि सबसे कम टेस्टोस्टेरोन स्तर वाले पुरुषों की मृत्यु की संभावना अधिक थी। मृत लोगों में गहराई से जांच करने पर पता चलता है कि ज्यादातर मृत्यु हृदय रोग के कारण हुई। जो अभी भी विश्व स्तर पर पुरुषों में मृत्यु का प्रमुख कारण है। शोधकर्ताओं का कहना है कि पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ-साथ टेस्टोस्टेरोन का स्तर आमतौर पर कम होता जाता है। 30 वर्ष की आयु से प्रति वर्ष लगभग एक प्रतिशत की गिरावट आती है। इसे पुरुष रजोनिवृत्ति या एंड्रोपॉज के रूप में भी जाना जाता है। पुरुषों के अंडकोष में धीरे-धीरे समय के साथ टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करने की क्षमता कम होती जाती है। अन्य कारणों की वजह से भी यह गिरावट तेज हो सकती है, जिसमें पुरानी बीमारी भी शामिल है।

विज्ञापन


वजन बढ़ने से रोकना जरूरी
शोधकर्ता अपने निष्कर्ष में कहते हैं सबसे पहले पुरुषों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर वजन बढ़ने से रोकना चाहिए। इसके अलावा जब स्तर कम होता है तो गायब टेस्टोस्टेरोन  को बदलने के लिए उपचार एक विकल्प हो सकता है। इस बात प्रमाण हैं कि टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी कुछ पुरुषों में किसी भी कारण से मृत्यु और दिल के दौरे सहित कुछ जोखिमों को कम करने में मदद कर सकती है। अधिकांश साक्ष्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी से कम से कम हृदय रोग का कोई खतरा नहीं है।

प्रोस्टेट कैंसर के रोगियों के लिए बड़ा जोखिम
प्रोस्टेट कैंसर के रोगियों को ऐसी दवाएं दी जाती हैं जो टेस्टोस्टेरोन के स्तर को काफी कम कर देती हैं। प्रोस्टेट कैंसर में सुधार के बावजूद इस उपचार से रोगियों में दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए कम टेस्टोस्टेरोन जीवन प्रत्याशा को घटाता है। यह पता लगाना बड़ा मुश्किल कार्य है कि टेस्टोस्टेरोन का निम्न स्तर क्या होता है। जो स्तर एक आदमी के लिए ऊंचा हो सकता है वह दूसरे के लिए कम भी हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें