कोरोना महामारी से जूझ रही दुनिया के लिए मधुमेह 21वीं सदी की सबसे भयावह स्वास्थ्य आपात स्थिति (हेल्थ इमरजेंसी) होगी। इससे निपटना दुनिया के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (आईडीएफ) और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विश्व मधुमेह दिवस के मौके पर बताया है कि दुनियाभर में औसतन 40 लाख मधुमेह मरीजों की मौत हर साल होती है। हालांकि, वर्ष 2021 में महामारी के दौर में 67 लाख मधुमेह रोगियों की मौत हो चुकी है, जिसने अबतक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
966 अरब डॉलर का बोझ
आईडीएफ के अनुसार दुनियाभर में 966 अरब अमेरिकी डॉलर का खर्च मधुमेह के उपचार पर होता है। इसमें पिछले 15 वर्षों में 316 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। आने वाले समय में यह आंकड़ा कई गुना बढ़ जाएगा।
इन पांच बातों का रखें विशेष ध्यान
कोविड सम्मत व्यवहार जरूरी
महामारी में मधुमेह पर नियंत्रण की जिम्मेदारी बढ़ गई है। खानपान के साथ दिनचर्या और व्यायाम पर अधिक ध्यान देना होगा। कोविड सम्मत व्यवहार का पालन जरूरी। मधुमेह रोगियों की इम्युनिटी कमजोर होती हैं। ऐसे में वायरस से बचाव के अधिक जतन करने होंगे। - डॉ. संजय कालरा, पूर्व अध्यक्ष, इंडियन इंडोक्राइन सोसायटी
डायबिटिक न्यूरोपैथी जीवन को खतरा
रक्त में शुगर की मात्रा अत्यधिक होने पर डायबिटिक न्यूरोपैथी का खतरा रहता है। इसमें शरीर में मौजूद तंत्रिकाओं को नुकसान होता है। सबसे ज्यादा नुकसान पैरों और तलवे की तंत्रिका को होता है। - डॉ. विजयनाथ मिश्रा, न्यूरोलॉजी विभाग, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, काशी हिंदू विवि, वाराणसी
जानें क्या है यह रोग?
जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के इंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. संजय सारण बताते हैं कि मधुमेह की शुरुआत तब होती है, जब पैन्क्रियाज इंसुलिन बनाने में असमर्थ हो जाती है। इसके अलावा पैन्क्रियाज द्वारा बनाया गया इंसुलिन शरीर सही से इस्तेमाल नहीं कर पाता है, तब ऐसी तकलीफ होती है।
इंसुलिन क्या है?
इंसुलिन एक हॉर्मोन है, जो पैन्क्रियाज द्वारा बनता है। हम जो खाना खाते हैं, उसमें मौजूद ग्लूकोज तत्व रक्त के जरिये कोशिकाओं में पहुंचती है, जिससे ऊर्जा बनती है। इंसुलिन ग्लूकोज को कोशिकाओं में पहुंचाने का काम करता है।
हाइपरग्लाइसेमिया की स्थिति
इंसुलिन न बनने या उसका सही इस्तेमाल न होने पर रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है। इसे हाइपरग्लाइसेमिया कहते हैं। ग्लूकोज का स्तर अधिक होने पर शरीर के अंगों और ऊतकों को नुकसान होता है। गंभीर स्थिति में प्रमुख अंग काम करना बंद कर सकते हैं।
मधुमेह के प्रकार
लक्षण
अधिक यूरिन होना, खासकर रात में। बार-बार प्यास लगना, वजन कम होना, बहुत अधिक भूख लगना, धुंधला दिखना, हाथ या पैरों में कंपन होना, बहुत अधिक थकान महसूस करना, त्वचा रुखी रहना, घाव का न सूखना, बार-बार संक्रमण होना।