भारत-पाक सिंधु जल विवाद के बीच भारत द्वारा बनाई जा रही दो पनबिजली परियोजनाओं के निर्माण पर बातचीत में विश्व बैंक ने तटस्थ रहने का आश्वासन दिया है। सिंधु जल समझौते को लेकर सोमवार को वाशिंगटन में विश्व बैंक की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच बातचीत के दौरान विवाद का हल ढूंढने की कोशिश की गई।
विश्व बैंक के दक्षिण एशिया प्रांत के उपाध्यक्ष एनेटे डिक्सन ने भारत-पाक वार्ता को लेकर कहा कि हम वाशिंगटन में विश्व बैंक की मेजबानी में होने वाली इस बैठक में दोनों देशों का स्वागत करते हैं। उन्होंने अमेरिका में भारतीय राजदूत नवतेज सरना को लिखे एक पत्र में यह बात कही।
पत्र में उन्होंने भारतीय राजदूत को लिखा कि हम दोनों देशों द्वारा बैठक में भागीदारी की पुष्टि करने को लेकर आभार व्यक्त करते हैं और आश्वस्त करते हैं कि विश्व बैंक अपनी तटस्थता और निष्पक्षता को बरकरार रखेगा, ताकि सुलह का रास्ता खोजा जा सके। सोमवार से शुरू होने वाली इस बातचीत के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय जल संसाधन सचिव अमरजीत सिंह करेंगे।
भारतीय दल में विदेश और जल संसाधन मंत्रालयों से जुड़े अधिकारी शामिल रहेंगे। दोनों देशों के बीच दो परियोजनाओं को लेकर इससे पहले इसी वर्ष मार्च में पाकिस्तान में स्थायी सिंधु आयोग की बैठक के दौरान अंतिम बातचीत हुई थी।
पाकिस्तान ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर में भारत द्वारा दो पनबिजली परियोजनाओं की डिजाइन को लेकर अपनी चिंता जताते हुए विश्व बैंक का रुख किया था। पाकिस्तान चाहता है कि 57 साल पुराने सिंधु जल बंटवारे को लेकर हुए समझौते में चूंकि विश्व बैंक ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी, इसलिए वह उसकी चिंताओं का समाधान करने में मदद करे।