वर्ल्ड बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री आरुषि भटनागर व ओवेन स्मिथ ने अपने ब्लॉग में कहा कि भारत ने कोविड-19 टीकाकरण में उल्लेखनीय प्रगति की है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब अगले एक अरब खुराक के लक्ष्य तक पहुंचने में गरीब आबादी तक पहुंचना चुनौती भरा होगा, क्योंकि ज्ञान और जागरूकता की कमी के साथ टीकाकरण की सुविधा व केंद्रों तक उनकी पहुंच बाधा बनेगी।
दोनों अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अंतिम दौर में टीकाकरण की बेहतर सुविधा मुहैया करा कर कोरोना महामारी पर काबू पाने की दिशा में बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। भारत ने अग्रिम पंक्ति के अपने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं व अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी मंच का इस्तेमाल कर टीकाकरण अभियान में आकर्षक उपलब्धि हासिल की है। इसके जरिए देश ने अपनी आबादी को कोरोना वायरस से बचाने में चौतरफा कामयाबी प्राप्त की। हालांकि ओमिक्रॉन वैरिएंट के आने से दुनियाभर में कोरोना टीकाकरण प्रयासों को और आपात रूप से तेज करने की जरूरत है। इसके साथ ही टीकाकरण की दिशा में अब तक प्राप्त रफ्तार को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।