फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला दिवस पर विशेषः राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष बनने तक कैसा रहा रेखा शर्मा का सफर, अब आगे क्या है लक्ष्य

Sun, 07 Mar 2021 04:18 PM IST
संजीव कुमार झा अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा का मानना है कि तमाम आधुनिकताओं के बाद भी महिलाओं के लिए आज भी काम करना बेहद कठिन, लेकिन संघर्ष से ही राह निकलने को ही उम्मीद मानती हैं वे।
 
विज्ञापन
रेखा शर्मा - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा का जन्म एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। पांच भाई-बहनों के बीच उनका पालन-पोषण भी सामान्य सुख-सुविधाओं के बीच हुआ। लेकिन कुछ विशेष कर गुजरने की इच्छा हमेशा से उनके मन के अंदर बनी हुई थी। यही कारण है कि बीस साल की उम्र में वैवाहिक जीवन की शुरूआत करने के बाद भी उन्होंने लगातार अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने का काम जारी रखा। वे लगातार सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रहीं। उनके काम को देखते हुए ही एक दिन उन्हें राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष बनाने के लिए फोन आया और अब वे एक नई पहचान के साथ आगे बढ़ रही हैं। उनका सपना है कि राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष के रूप में वे ऐसा काम करके जाएं जिसे आने वाले समय में याद रखा जाए।

विज्ञापन


अमर उजाला से साझा किया अपना अनुभव
अपनी जीवन यात्रा के बारे में अमर उजाला को बताते हुए रेखा शर्मा कहती हैं कि एक महिला के रूप में उन्होंने हमेशा यह महसूस किया है कि इस पितृसत्तात्मक समाज में पूरी योग्यता रखने के बाद भी महिलाओं का आगे बढ़ना बेहद मुश्किल है। विशेषकर वे महिलाएं जिनकी अपनी स्वतंत्र सोच होती है और अपने निर्णय के आधार पर वे कुछ करना चाहती हैं तो उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं दिए जाते।

लेकिन उनकी सलाह है कि कठिन यात्रा होने के बाद भी महिलाओं को खुद को संवारने और नई स्किल्स सीखने की कोशिश हमेशा जारी रखनी चाहिए। स्वयं अपने बारे में उन्होंने बताया कि उन्होंने केवल 16 साल की अवस्था में ही अपना जीवनसाथी चुन लिया था। बीस साल की उम्र में विवाह करने के बाद सैन्यकर्मियों के परिवारों के बीच रहीं। लेकिन यहां भी वे लगातार पढ़ाई जारी रखी और फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया।
विज्ञापन


महिलाओं को आगे रखने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए काम किया
सैन्यकर्मियों के परिवारों के बीच रहते हुए ही उन्होंने उन परिवार की महिलाओं को आगे रखने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए काम करना शुरू कर दिया। बाद में हरियाणा के पंचकुला एरिया में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम करना शुरू किया जो उनका पसंदीदा काम था।

रेखा शर्मा ने बताया कि उन्होंने 1986 के लगभग अपनी राजनीतिक जीवन यात्रा शुरू की थी। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के प्रभारी थे। उनके कार्यक्रमों को आयोजित कराने में वे सह-मीडिया प्रभारी के तौर पर काम करती थीं और महिलाओं की जागरूकता-सशक्तीकरण के लिए छवि नाम से टॉक शो आयोजित कराया करती थीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें महिला सशक्तीकरण के लिए काम करते हुए देखा था। शायद यही कारण रहा कि जब भारत की जनता ने भारी बहुमत से उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में चुना तो उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में उन्हें जिम्मेदारी सौंपना ठीक समझा।

ऊंचा मापदंड स्थापित करना मेरा लक्ष्य
दुनिया के लगातार आधुनिक होने के बाद भी महिलाओं के लिए चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। यही कारण है कि एक महिला के तौर पर उनके लिए काम करना बेहद मुश्किल हो जाता है। रेखा शर्मा का लक्ष्य है कि वे राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के तौर पर ऐसा ऊंचा मापदंड स्थापित करें और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए इतना काम करें कि उसे लंबे समय तक याद रखा जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें