केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि महिलाओं को दूसरों के समर्थन का इंतजार नहीं करना चाहिए बल्कि उन्हें अपने हाथों में तकनीक लेकर खुद को सक्षम बनाना होगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने महिलाओं को अधिक आत्म-जागरूक होने की आवश्यकता पर जोर दिया। वह यहां पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया की वार्षिक बैठक में बोल रही थीं। ईरानी ने कहा कि भारत में मुख्य समस्या यह है कि हम लैंगिक समानता को अलग तरह से देखते हैं। अगर हम वास्तव में स्थिति को बदलना चाहते हैं, तो हमें अपना दृष्टिकोण बदलना होगा। हमें पिछली धारणाओं की बाधाओं को तोड़ना होगा। हमें एक प्रगतिशील दृष्टिकोण विकसित करना होगा।
आज ग्राम पंचायतों में महिलाएं आगे चल रही हैं। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के अनुसार हमारा देश महिला अधिकारिता सूचकांक (डब्ल्यूईआई) में 48वें स्थान पर है। प्रौद्योगिकी को एक महान प्रवर्तक बताते हुए ईरानी ने कहा कि महिलाओं को दूसरों से मदद की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि अपने हाथों में प्रौद्योगिकी के साथ खुद को सक्षम बनाना चाहिए। महिलाओं के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए ईरानी ने कहा कि सरकार की आवास योजना के तहत महिला उम्मीदवारों को दो करोड़ आवास आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिशा योजना के तहत आईटी में प्रशिक्षित चार करोड़ लोगों में से 58 प्रतिशत महिला उम्मीदवार थीं।
लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा के बारे में बात करते हुए ईरानी ने कहा कि सरकार ने 700 से अधिक जिलों में वन-स्टॉप सेंटर स्थापित किए हैं, जिसके लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 480 करोड़ रुपये के निवेश से लगभग सात करोड़ स्वयं सहायता समूहों को सक्षम बनाया गया है।