मथुरा के जवाहर बाग से गिरफ्तार महिलाओं और युवतियों पर दोहरी मार पड़ी है। ये घर से कोसों दूर जेल में बंद हैं, वहीं परिवार वालों ने भी मुंह मोड़ लिया है। शादीशुदा महिलाओं के ससुरालीजन भी जमानत कराने के लिए तैयार नहीं हैं। जबकि कई युवतियों का रिश्ता टूट गया है। दो लड़कियों की शादी तो जुलाई में ही होनी थी। लेकिन वह सलाखों के पीछे हैं। कुछ दिन तो परिवार वाले लड़के वालों से यह बात छुपाए रहे लेकिन जब उन्हें युवती के जेल में होने की बात पता चली तो शादी से इंकार कर दिया गया।
जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष ने बाबा जयगुरुदेव के नाम पर लोगों को इकट्ठा किया था। जयगुरुदेव के अनुयायियों को उसने यह कहकर बरगलाया कि जयगुरुदेव जवाहर बाग में दर्शन देंगे।
जालसाज रामवृक्ष की बातों में जो आ गया वह जवाहर बाग पहुंच गया। महिलाओं की भी एक बड़ी संख्या थी। सबसे ज्यादा महिलाएं और युवतियां कन्नौज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरपुर, चंदौली, बदायूं, कानपुर, गोरखपुर, झांसी, उन्नाव, मिर्जापुर, ललितपुर, सीतापुर, बरेली से यहां पहुंची थीं।