अक्सर पतियों द्वारा पत्नी का शोषण करने के कई मामले सामने आते रहते हैं। अधिकतर मामलों में पत्नियां पति को सजा दिलवाने में कामियाब भी रहती हैं। लेकिन जब पति किसी और देश में रहने चला जाए और अचानक ही संपर्क करना खत्म कर दे तो भला पत्नी क्या करे।
दहेज और शादी में लगाए पैसों के चलते परिवार भी कंगाल हो जाते हैं। वहीं पति दूसरे देशों में जाने के बाद दूसरी शादी कर लेते हैं और एकतरफा तलाक ले लेते हैं। लेकिन उनकी पत्नियां सजा भुगतती रहती हैं। ऐसी ही कहानी है कई महिलाओं की।
परमिंदर कौर (बदला हुआ नाम) का कहना है कि 2015 में उसकी शादी एक सपना सच होने जैसा था और उसके बाद के 40 दिन उसकी जिंदगी के बेहतरीन पल थे। लेकिन उसके पति के पढ़ाई पूरी करने के लिए कनाडा जाने के बाद चीजें पूरी तरह बदल गईं।
परमिंदर ने कहा कि उसके पति के जाते ही उसके ससुराल वालों ने उसे मानिसक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और उसके घर वालों से हर महीने एक लाख रुपए दहेज के रूप में मांगने शुरू कर दिए।
यह भी पढ़ें-
तीन तलाक पीड़िताओं से अधिक है छोड़ी गई महिलाओं की संख्या, इनकी भी लो सुध
उन्होंने कहा, "उन्होंने मेरे घरवालों से कहा कि उन्हें (ससुराल वालों को) मुझे खिलाने (खाना) के लिए पैसे चाहिए और मेरे माता-पिता के इनकार करने पर उन्होंने मुझे प्रताड़ित किया।"
परमिंदर (19) ने कहा कि इन सब प्रताड़नाओं के बीच उसके ससुराल वाले अचानक कनाडा चले गए और उसके बाद उसकी उनसे (ससुराल वालों से) और अपने पति से कभी कोई बात नहीं हुई। बाद में उसके पति ने एक पक्षीय तलाक दे कर दूसरी शादी कर ली।
परमिंदर और उसकी तरह धोखा खा चुकी अन्य महिलाएं अब एक ऐसे विशेष अंतरराष्ट्रीय कानून की मांग कर रही हैं जिससे फरार पतियों का प्रत्यर्पण मुमकिन हो सके।