तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और कांग्रेस के बीच में तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। दरअसल, बीआरएस ने पार्टी के दलबदलुओं को साड़ी और चूड़ी पहनने की नसीहत दी, जिस पर कांग्रेस के एक नेता तिलमिला गए। उन्होंने तीखा पलटवार कर चेतावनी दी कि अगर महिलाओं का अपमान किया गया तो जूतों से पीटा जाएगा।
बीआरएस विधायक ने कही ये बात
बीआरएस विधायक पी कौशिक रेड्डी पत्रकारों से बात कर रहे थे, तभी उन्होंने एक साड़ी और कुछ चूड़ियां दिखाईं। साथ ही सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल विधायकों को इन्हें पहनने के लिए कहा। रेड्डी ने पार्टी का साथ छोड़ने वाले विधायकों का नाम लेते हुए कहा, 'आप पुरुष नहीं, इसलिए इन्हें पहनकर घूमिए।'
कांग्रेस की तीखी टिप्पणी
इस टिप्पणी पर राज्य महिला सहकारी विकास निगम की अध्यक्ष और राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष बंदरू शोभा रानी भड़क गईं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और एक जूता दिखाया। रेड्डी पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, 'आपने साड़ी और चूड़ियां दिखाईं। मैं आपको जूते दिखा रही हूं। अगर आप महिलाओं का अपमान करेंगे, तो हम आपको जूतों से पीटेंगे।
10 विधायकों ने बदला पाला
गौरतलब है, पिछले साल विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने वाली बीआरएस के कुल 10 विधायकों ने पाला बदल लिया है। यह लोग कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। हालांकि, बीआरएस ने सभी 10 दलबदलू विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की है।
हाईकोर्ट भी पहुंचा मामला
मामला तेलंगाना हाईकोर्ट भी पहुंच गया है। सोमवार को अदालत ने विधानसभा सचिव को कांग्रेस में शामिल हुए तीन बीआरएस विधायकों की अयोग्यता याचिकाओं को स्पीकर गद्दाम प्रसाद कुमार के समक्ष रखने को कहा। तीनों विधायक दानम नागेंद्र, तेलम वेंकट राव और कदियम श्रीहरि हैं। कोर्ट ने स्पीकर के कार्यालय को याचिकाओं पर सुनवाई और निर्णय के लिए चार सप्ताह के भीतर शेड्यूल जारी करने को कहा है।
क्या बोले टी रामा राव?
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने कहा कि अदालत का निर्देश लोकतंत्र की जीत है। बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बेटे राव ने कहा, 'अब, माननीय अध्यक्ष गारू के पास पारदर्शिता बहाल करने और सदन की पवित्रता बनाए रखने के लिए चार सप्ताह का समय है। हमने इस पल के लिए अथक संघर्ष किया, लोगों के जनादेश के साथ अब और विश्वासघात नहीं होगा! जय तेलंगाना!'