जिला अस्पताल परिसर में बने पोषण वार्ड में भर्ती बच्चे की मां के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। 27 दिन बाद शनिवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी के निरीक्षण के दौरान इसका खुलासा हुआ। महिला ने बदनामी के डर से घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई और बच्चे को लेकर चली गई। घटना में जिला अस्पताल प्रशासन संवेदनहीनता भी सामने आई है और मामले के जानकारी में आने के बाद भी वह चुप्पी साधे रहा।
शनिवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब सिंह वार्ड में भर्ती बच्चों के तीमारदारों से सुविधाओं की जानकारी लेने पहुंचे। इस दौरान 18 अप्रैल को एक महिला और उसके कुपोषित बच्चे को भर्ती करने के बाद एक ही दिन में डिस्चार्ज करने की बात सामने आई। नियमानुसार कुपोषित बच्चे को 14 या 28 दिन तक भर्ती रखा जाता है। उन्होंने वहां तैनात कर्मचारी से पूछताछ की तो उसने पूरे मामले का खुलासा हुआ। उसने बताया कि वार्ड के बाहर खड़ी होने वालीं टैक्सी के चालकों में से किसी एक ने महिला के साथ दुष्कर्म किया था, जिसके बाद वह अगले दिन बच्चे को लेकर यहां से चली गई थी। महिला इस संबंध में कोई रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराना चाहती थी।
निरीक्षण के दौरान 17 अप्रैल को भर्ती हुए बच्चे को एक दिन बाद ही पोषण पुनर्वास केंद्र से जाने के बारे में स्थानीय स्टाफ से पूछा गया तो उन्होंने महिला के साथ हुई इस घटना की जानकारी दी थी। इस संबंध में मैने उच्चाधिकारियों को बता दिया है।
साहब सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
एक महिला ने छेड़छाड़ की शिकायत की थी, लेकिन वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती थी। साथ ही वह अगले दिन ही बच्चे को लेकर चली गई थी।
दुष्यंत त्यागी, सीएमएस
इस तरह का कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि पीड़ित महिला तहरीर देती है तो कार्रवाई की जाएगी।
दिगंबर कुशवाह, अपर पुलिस अधीक्षक