केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शुक्रवार को दहेज प्रथा के खिलाफ व्यापक जागरूकता का आह्वान किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि केवल कानून और हलफनामे से समस्या का समाधान नहीं होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि लड़कियों को भावनात्मक रूप से लचीला बनाना माता-पिता की जिम्मेदारी है। उन्हें दहेज की बुराईयों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।
क्या है मामला
सरकारी मेडिकल कॉलेज की छात्रा शहाना ने दहेज उत्पीड़न के कारण आत्महत्या कर ली थी। आरोप है कि मंगेतर ने दहेज के कारण शादी करने से मना कर दिया था। जिसके कारण शहाना तनाव में थी, जिसके बाद छात्रा ने आत्महत्या कर ली। अदालत ने आरोपी मंगेतर रुवैस को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
छात्रा के घर पहुंचने के बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पत्रकारों से कहा कि हमें लोगों के बीच अधिक जागरूकता पैदा करने की जरूरत है। यह माता-पिता, शिक्षकों, समाज की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री के उस बयान का समर्थन करता हूं जिसमें उन्होंने कहा था कि युवा महिलाओं को उन प्रस्तावों को अस्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जहां दहेज की मांग की जाती है। इस प्रथा के संबंध में जनता की राय बदलनी होगी।
उन्होंने कहा कि हमारे पास 18 कानून हैं। अकेले कानून ऐसी समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। हमें दहेज जैसी बुरी प्रथाओं के खिलाफ सामाजिक प्रतिबंध लगाने होंगे। साथ ही लोगों को अधिक जागरूक करना होगा।
बता दें मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने छात्रा की आत्महत्या पर दुख व्यक्त किया। साथ ही दहेज प्रथा की कड़ी निंदा की।