जलगांव जिले की महिला को किडनी प्रत्यारोपण कराने के लिए मुंबई जाना था। जलगांव एयरपोर्ट से उसकी फ्लाइट छूट गई। उसने जलगांव दौरे पर आए डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से मदद मांगी ताे वे महिला को अपने चार्टर्ड विमान से महिला को मुंबई तक लाए।
जलगांव से किडनी प्रत्यारोपण कराने मुंबई जा रही एक महिला की मदद के लिए डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने हाथ आगे बढ़ाए। शिंदे की पहल ने महिला को नया जीवन दिया। साथ ही मानवता की मिसाल कायम की। फ्लाइट छूटने से परेशान महिला के लिए एकनाथ शिंदे उस वक्त देवदूत बनकर आए। वे महिला को चार्टर्ड विमान से मुंबई लेकर पहुंचे और उसके इलाज की निगरानी की।
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हुआ यूं कि जलगांव जिले की महिला शीतल बोर्डे को किडनी प्रत्यारोपण कराने के लिए शुकवार को मुंबई जाना था। उनकी जलगांव हवाई अड्डे से फ्लाइट थी। महिला जब तक एयरपोर्ट पहुंची, तब तक उसकी फ्लाइट जा चुकी थी। फ्लाइट छूटने के बाद इलाज कराने जा रही महिला और उसके परिजन परेशान हो गए।
उधर, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी संत मुक्ताबाई पालकी यात्रा समारोह में भाग लेने पहुंचे थे। जब वे मुंबई लौटने से पहले जलगांव एयरपोर्ट पर उनका चार्टर्ड विमान उतरने में कुछ देरी हुई। महिला को पता लगा कि डिप्टी सीएम भी मुंबई जाने वाले हैं तो उसने स्थानीय कार्यकर्ताओं को अपनी पीड़ा बताई।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने राज्य मंत्री गिरीश महाजन को फोन किया। मंत्री गिरीश महाजन ने समस्या समझी और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से मदद करने के लिए कहा। बिना किसी हिचकिचाहट शिंदे ने महिला और उसके पति को अपने चार्टर्ड विमान में बिठाया और उन्हें मुंबई लेकर आए। यात्रा के दौरान उन्होंने महिला से बातचीत की और इलाज के बारे में जानकारी ली।
डिप्टी सीएम कार्यालय ने कहा कि विमान के मुंबई में उतरने के बाद शिंदे ने तत्काल एक विशेष एंबुलेंस की व्यवस्था कराने के लिए कहा। साथ ही अस्पताल में उनके एडमिट होने तक मौजूद रहे। जलगांव के संरक्षक मंत्री गुलाबराव पाटिल ने उपमुख्यमंत्री के इस कदम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह आम नागरिक के प्रति समर्पित हैं। इस मामले में उनके हस्तक्षेप से न केवल एक जीवन बचा है, बल्कि सहानुभूति और सार्वजनिक सेवा के मूल्यों की पुष्टि हुई है।