तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक महिला को कथित तौर पर उसके ससुराल वालों ने चलती एसयूवी गाड़ी से धक्का दे दिया। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पीड़ित महिला का कहना है कि उसके सास-ससुर और पति ने उसे बीते महीने गाड़ी से धक्का दे दिया था और वो उसे मारना चाहते हैं।
38 साल की आरती अरुण का कहना है कि उनके पति ने उनसे नए सिरे से जिंदगी शुरू करने का वादा किया था। जिसके बाद वो अपने दो बच्चों को लेकर पति के साथ रहने आ गईं। पुलिस ने आरती के पति अरुण जुडे अमलराज को हत्या की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था लेकिन बाद में रिहा भी कर दिया। वो पेशे से इंजीनियर है और अपने माता-पिता के साथ फरार है।
जानकारी के मुताबिक दोनों की शादी साल 2008 में हुई थी। इनका रिश्ता उतार चढ़ाव वाला रहा। शादी के छह साल बाद आरती अपने दो बच्चों के साथ साल 2014 में अपने परिवार के पास रहने चली गईं। आरती का कहना है कि उनकी घरेलू हिंसा और तलाक की याचिका मुंबई की अदालत में विचाराधीन थीं। पांच साल अलग रहने के बाद उन्होंने सुलह करने के लिए अपने पति की बात मान ली। पूरा परिवार छुट्टियों के लिए मई में हिल रिसॉर्ट ऊटी भी गया।
आरती ने कहा कि ये छुट्टियां उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थीं। उनके पति ने उनके बच्चों और उनके साथ एक बार फिर शोषण किया। उन्होंने ऊटी के पुलिस स्टेशन में अपने पति के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई थी लेकिन पति की लिखित माफी और पुलिस की सलाह के बाद शिकायत वापस ले ली।
उन्होंने कहा कि 9 मई को कोयंबटूर लौटने के बाद परेशानी एक बार फिर शुरू हो गई। अरुण ने लिखित माफी में वादा किया था कि वो अपने माता-पिता को आरती से दूर रखेगा लेकिन वो उन्हें गाड़ी में अपने साथ लेकर आ गया। जब आरती ने इसका विरोध किया तो अरुण ने उनपर हमला किया और गाड़ी से बाहर फेंक दिया। गाड़ी से बाहर फेंके जाने के बाद आरती के सिर, कंधे और घुटनों में चोट आई है। आरती का कहना है कि उनकी और उनके बच्चों की जान को खतरा है।
मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुजीत कुमार का कहना है, "परिवार फरार है। हमारी टीम चेन्नई गई थी, लेकिन तब तक वो भाग गए थे। हमें बताया गया था कि ये लोग तिरुचिरापल्ली में हैं, लेकिन वो वहां भी नहीं थे। हम अभी उनकी तलाश कर रहे हैं।"