गोवा पुलिस ने बुधवार को बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जारी समन वापस ले रही है। पुलिस ने 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध रूप से पोस्टर चिपकाने के मामले में बीते महीने समन जारी किया था।
पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 41(ए) के तहत 13 अप्रैल को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक को नोटिस जारी किया था और उन्हें 27 अप्रैल को मामले के संबंध में जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा था। हालांकि, केजरीवाल ने परनेम पुलिस की ओर से जारी समन को चुनौती दी।
बंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ के न्यायमूर्ति महेश सोनक और न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस की खंडपीठ ने बुधवार को मामले की सुनवाई की। इस दौरान पुलिस ने कहा कि वह केजरीवाल को जारी समन वापस लेने जा रही है। केजरीवाल का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील सुबोध कांतक ने कहा कि पुलिस ने कहा है कि वे समन वापस लेने जा रहे हैं, जिसके बाद पीठ ने याचिका का निपटारा कर दिया।
केजरीवाल को भेजे गए पुलिस नोटिस में कहा गया था, 'संपत्ति को विरूपित करने के मामले की जांच के दौरान यह पता चला है कि मौजूदा जांच के संबंध में आपसे तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आपसे पूछताछ करने के उचित आधार हैं।' केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप ने भाजपा शासित राज्य में 2022 के चुनावों में दो सीटें जीतीं थीं।