भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सीधे सरकार के अच्छे दिनों पर हमला करने के बाद थोड़ी नरमी बरतने के संकेत दिए। हालांकि उनकी नरमी के संकेत में चेतावनी के सुर भी थे। शुक्रवार की सुबह स्वामी ने सरकार की विकास दर पर ही सवाल खड़ा कर दिया, जिसे वह अपनी उपलब्धियों में पहले पायदान पर रखती हैं।
प्रसिद्ध अमेरिकी अर्थशास्त्री रहे पॉल सैमुअल्सन की थ्योरी का जिक्र करते हुए उन्होंने ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा, 'अगर मैं इंडेक्स नंबर के सैमुअलसन-स्वामी थ्योरी को भारतीय जीडीपी की गणना या आरबीआई इंटरेस्ट रेट पर लागू करूं तो मीडिया चिल्लाने लगेगी कि ये पार्टी विरोधी गतिविधी है।' हालांकि इसके कुछ घंटे बाद स्वामी ने एक हफ्ते तक अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए कहा कि इस दौरान वह कम ट्वीट करेंगे।
गौरतलब है कि वरिष्ठ नौकरशाहों की देशभक्ति पर सवाल खड़ा करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी को नसीहत दी थी। इसके अगले ही दिन से स्वामी का सुर बेहद मुखर है। पीएम मोदी की महज प्रचार पाने के लिए आरोप न लगाने की नसीहत के अगले ही दिन स्वामी ने ट्वीट के माध्यम से कहा था कि वह प्रचार के पीछे नहीं बल्कि प्रचार उनके पीछे भागता है।