फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संसद का शीतकालीन सत्र 16 नवंबर से, हंगामेदार रहने के आसार

Thu, 13 Oct 2016 09:16 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : file photo
विज्ञापन
सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र की तारीख तय कर दी है। शीतकालीन सत्र 16 नवंबर से शुरू होकर 16 दिसंबर तक चलेगा। गुरुवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में संपन्न हुई राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में सरकार ने सत्र की तिथि को अंतिम रूप दिया। देश के अहम पांच राज्यों के चुनाव से पहले संसद का यह सत्र हंगामेदार रहेगा। खासकर यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। 
विज्ञापन


संसद सत्र के एलान से पहले ही सर्जिकल ऑपरेशन को लेकर देश में सियासत तेज है। अब संसद के अंदर सभी सियासी दल अपने-अपने तरीके से मुद्दे का लाभ लेने की कोशिश करेंगे। विपक्ष की ओर से इस मामले पर सरकार को घेरने का प्रयास होगा, तो सरकार भी देश की सुरक्षा के साथ मामले को जोड़ते हुए सियासी लाभ उठाने का प्रयास करेगी।

विधानसभा चुनावों के मद्देनजर महंगाई, दलित उत्पीड़न, ट्रिपल तलाक, राम मंदिर, सामान्य आचार संहिता सरीखे मुद्दों को उठाकर भी विपक्षी दल सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सर्जिकल ऑपरेशन पर हो सकती है सियासत

- फोटो : demo
सरकार का प्रयास होगा की संसद के शीतकालीन सत्र में कामकाज सुचारू रूप से चल सके। इसके अलावा सरकार की कोशिश भी सर्जिकल ऑपरेशन पर सियासत की होगी। भाजपा रणनीतिकारों का आंकलन है कि इन मुद्दों के उठने से उसे सियासी लाभ होगा। देश के अन्य ज्वलंत मुद्दों से देश और जनता का ध्यान भटकेगा। 

सरकार के लिए राह आसान बनाते हुए कांग्रेस समेत कई दलों ने सर्जिकल ऑपरेशन पर संदेह जताते हुए सबूत पेश करने को कहा है, तो मामले में आक्रामक रूख अपनाते हुए भाजपा ने विपक्ष के जरिए सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत पेश करने की मांग पर उनके नेताओं की नीयत पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें