भारत के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय पवन ऊर्जा व्यापार मेले और सम्मेलन ‘विंडर्जी इंडिया 2025’ का सातवां संस्करण 29 से 31 अक्टूबर तक चेन्नई ट्रेड सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्घाटन नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी करेंगे, जबकि राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक विशेष अतिथि होंगे। यह कार्यक्रम नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं और विशेषज्ञों के लिए एक अहम मंच बनेगा, जहां भारत की रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को गति देने वाली नवीन तकनीकों और रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी।
तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में 20 देशों के 350 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे और करीब 15,000 आगंतुकों के आने की संभावना है। भारत वर्तमान में विश्व का चौथा सबसे बड़ा पवन ऊर्जा उत्पादक देश है, इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगस्त 2025 तक देश की स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 52,681.2 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में 150 गीगावाट पवन ऊर्जा हासिल करना है।
2014 से अब तक 153 वृद्धि
2014 से अब तक भारत की पवन ऊर्जा क्षमता में 153 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जो 21 गीगावाट से बढ़कर 53.2 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। यह उपलब्धि भारत को दुनिया के दूसरे सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा बाजार के रूप में स्थापित करती है।सरकार इस क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार नीतिगत कदम उठा रही है। हाल ही में पवन ऊर्जा उपकरणों पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है, जिससे उत्पादन लागत घटने और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से उत्पादन लागत कम होगी, नवाचार बढ़ेगा और देश अपने 150 गीगावाट पवन ऊर्जा लक्ष्य और ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों के करीब पहुंचेगा। हाल ही दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों ने इस आयोजन के महत्व पर अपने विचार साझा किए। इनमें आदित्य प्यासी, सीईओ, आईडब्लूटीएमए , सुजलोन एनर्जी के सीईओ जेपी चालसानी, आकाश पास्सी, जनरल प्रेसिडेंट, ZF ग्रुप और के. भारती, सीईओ, विंडर रिन्यूएबल एनर्जी प्रा. लि शामिल रहे। ‘विंडर्जी इंडिया 2025’ का आयोजन इंडियन विंड टरबाइन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन और पीडीए वेंचर्स प्रा. लि. द्वारा किया जा रहा है।
इसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय , विद्युत मंत्रालय, नीति आयोग और कई उद्योग संगठनों का सहयोग प्राप्त है। इनमें प्रमुख सहयोगी रेसी इंडिया, आईईएसए, आईडब्ल्यूपीए, आईएसए, एससीजीजे, विप्पा, सेकी, सीईसीए, एनआईडब्ल्यूई, हिडा, डैनिश विंड एक्सपोर्ट, इंडो-जर्मन एनर्जी फोरम, नेत्रा, इन्वेस्ट इंडिया और इंडो-जर्मन चेंबर ऑफ कॉमर्स (आईजीसीसी) हैं।
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इस वर्ष का विषय विंड पावर
आत्मनिर्भरता की ओर नीतियां और साझेदारियां है। जिसका उद्देश्य पवन ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाना और भारत की नवीकरणीय ऊर्जा आकांक्षाओं पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है। ‘विंडर्जी इंडिया 2025’ भारत के नेट-जीरो भविष्य और विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आयोजन के दौरान 30-31 अक्टूबर को प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों द्वारा उच्चस्तरीय पैनल चर्चाएं और गोलमेज सम्मेलन भी होंगे।