Parvesh Verma: गुरुवार को नई दिल्ली एरिया में कुछ पोस्टर लगे देखे गए जिसमें प्रवेश वर्मा की बड़ी फोटो के साथ नई दिल्ली विधानसभा लिख दिया गया है। इसके बाद कयासबाजी तेज हो गई है कि भाजपा प्रवेश वर्मा को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में उतार सकती है।
इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा अरविंद केजरीवाल के खिलाफ अपने तेज-तर्रार नेता प्रवेश वर्मा को उतारकर उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। पार्टी की तरफ से इस मुद्दे पर अभी तक कोई बात साफ नहीं की गई है, लेकिन गुरुवार को प्रवेश वर्मा ने अपनी फोटो के साथ नई दिल्ली विधानसभा लिखा हुआ पोस्टर एक्स पर शेयर किया था। इसके बाद कयासबाजी तेज हो गई है कि भाजपा प्रवेश वर्मा को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में उतार सकती है।
विज्ञापन
अरविंद केजरीवाल की सीट की अभी घोषणा नहीं की गई है। वे अब तक नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते आए हैं। वे 2013, 2015 और 2020 में इसी सीट से जीत हासिल कर चुके हैं। लेकिन जिस तरह आम आदमी पार्टी अपने उम्मीदवारों की सीट बदल रही है, चर्चा यह भी है कि अरविंद केजरीवाल की भी सीट बदली जा सकती है। ऐसे में प्रवेश वर्मा के पोस्टर से कयासबाजी और बढ़ गई है।
इस सीट पर 26 साल पहले जीती थी भाजपा
नई दिल्ली विधानसभा सीट काफी समय से भाजपा नहीं जीत सकी है। बीजेपी ने इस सीट पर आखिरी चुनाव 1993 में जीता था। तब यह सीट 'गोल चक्कर' विधानसभा के नाम से जानी जाती थी। 1993 में बीजेपी ने कीर्ति आजाद को टिकट दिया था। उन्होंने कांग्रेस के ब्रज मोहन बर्मा को हरा कर सीट पर कब्जा जमाया था। 1998 में इस सीट पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद वह इस सीट पर 2003 और 2009 में भी चुनी गईं।
विज्ञापन
2008 में अस्तित्व में आयी थी नई दिल्ली सीट
2008 में हुए परिसीमन में गोल चक्कर सीट का बड़ा हिस्सा नई दिल्ली सीट में जोड़ दिया गया। जिसके बाद नई दिल्ली सीट अस्तित्व में आई। 2013 में इस सीट पर शीला दीक्षित के खिलाफ अरविंद केजरीवाल मैदान में उतरे। उन्होंने शीला दीक्षित को हराकर इस सीट पर जीत हासिल की। तब से यह सीट आम आदमी पार्टी के पास है। केजरीवाल इस सीट से तीन बार चुने जा चुके हैं।