चुनाव आयोग ने मंगलवार को कहा कि तमिलनाडु में 'प्रभाव एवं प्रलोभन मुक्त' विधानसभा चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी व्यवस्था की जाएगी और इसके लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। साथ ही कहा कि चुनाव के दौरान कोविड-19 संबंधी सुरक्षा नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
भारतीय निर्वाचन आयोग के महासचिव उमेश सिन्हा ने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान महामारी से बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव एवं विभिन्न राज्यों में हुए उपचुनाव की तर्ज पर इन निर्देशों का अनुपालन होगा। अगले साल अप्रैल-मई में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के संबंध में राज्य की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सिन्हा सोमवार से दो दिवसीय दौरे पर शहर में हैं।
प्रत्येक केंद्र पर 1,000 मतदाता ही डालेंगे वोट
उमेश सिन्हा ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि महामारी के दौरान मतदान केंद्रों पर भीड़ एकत्र होने से रोकने के चलते प्रत्येक केंद्र पर मतदाताओं की संख्या मात्र 1,000 रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मतदाता संख्या 1,000 से अधिक होने की सूरत में उसी मतदान केंद्र में कई अन्य कमरों में भी मतदान करने की सुविधा प्रदान की जाएगी ताकि भीड़ एकत्र नहीं हो पाए।
बता दें कि प्रदेश विधानसभा का मौजूदा पांच साल का कार्यकाल अगले साल 24 मई को खत्म हो रहा है। विधानसभा चुनावों के लिए अगले साल के शुरू में घोषणा होने की उम्मीद है। विधानसभा के उपाध्यक्ष और अन्नाद्रमुक की चुनावी शाखा के सचिव पोल्लाची वी जयरामन ने कहा कि मतदाताओं को भीषण गर्मी से बचाने के लिए पार्टी ने आयोग से चुनाव अप्रैल के तीसरे या चौथे हफ्ते में कराने का अनुरोध किया। वहीं मुख्य विपक्षी दल द्रमुक और अन्य दलों ने राज्य में एक चरण में चुनाव कराने की की मांग की है। बैठक में द्रमुक का प्रतिनिधित्व पार्टी सांसद और संगठन सचिव आर एस भारती ने किया। आयोग ने यहां राजनीतिक दलों के साथ एक बैठक में विचार-विमर्श किया था।