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Congress: क्या अब दक्षिण बनाम उत्तर की राजनीति करेगी कांग्रेस, तहसीन पूनावाला ने अपनी ही पार्टी पर साधा निशाना

Mon, 04 Dec 2023 05:51 AM IST
यशोधन शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

चार में से हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में सफाए और दक्षिण के राज्य तेलंगाना में मिली सफलता के बाद कार्ति ने ट्वीट किया-द साउथ। दरअसल, तेलंगाना से पहले कांग्रेस को आखिरी चुनावी सफलता दक्षिण के ही राज्य कर्नाटक में मिली थी।
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तहसीन पूनावाला - फोटो : social media
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विस्तार
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चार राज्यों के चुनाव नतीजे आने के बाद कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम के दो शब्दों के एक ट्वीट से विवाद खड़ा हो गया है। इस ट्वीट के बाद सवाल उठ रहे हैं कि पुरानी पेंशन योजना, जाति जनगणना, ओबीसी जैसे मुद्दों पर पूरी ताकत झोंकने के बाद मिली असफलता से निराश कांग्रेस क्या अब दक्षिण बनाम उत्तर भारत की राजनीति करेगी? इस मामले में कार्ति की ही पार्टी के एक नेता ने पलटवार करते हुए कहा कि देश के लोग भारत को उत्तर और दक्षिण के रूप में बांटने की कांग्रेस की साजिश को स्वीकार नहीं करेंगे।

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दरअसल, चार में से हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में सफाए और दक्षिण के राज्य तेलंगाना में मिली सफलता के बाद कार्ति ने ट्वीट किया-द साउथ। दरअसल, तेलंगाना से पहले कांग्रेस को आखिरी चुनावी सफलता दक्षिण के ही राज्य कर्नाटक में मिली थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक खास सोच को आगे बढ़ाने वाले वर्ग ने इसे उत्तर बनाम दक्षिण भारत के रूप में प्रचारित करना शुरू किया। फिर इसके समर्थन और विरोध में अलग-अलग तर्क दिए गए।

उलटा असर होगा इसमें शामिल न हों
कार्ति के ट्वीट के बाद कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने कार्ति पर निशाना साधते हुए जवाबी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, उत्तर-दक्षिण विभाजन का उल्टा असर होगा। इसमें शामिल न हों और इस महान देश की पहली राष्ट्रवादी और सबसे पुरानी पार्टी की विरासत को छोटा न बनाएं। जैसे लोगों को सनातन धर्म का दुरुपयोग पसंद नहीं आया, उसी तरह लोग उत्तर और दक्षिण के विभाजन को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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सोशल मीडिया पर भी विरोध
इस पोस्ट का सोशल मीडिया पर भी विरोध हो रहा है। एक यूजर ने लिखा, करारी हार के बाद कांग्रेस यह धारणा बनाने की कोशिश में है कि दक्षिण भारत भाजपा को पसंद नहीं करता। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण भारत में भी कांग्रेस भाजपा से पीछे है। भाजपा के 30 तो कांग्रेस के 29 लोकसभा सदस्य ही हैं। एक अन्य यूजर ने आरोप लगाया कि जाति बंटवारे, अदाणी राग के फेल होने के बाद अब कांग्रेस राजनीति में उत्तर बनाम दक्षिण का नया एजेंडा शुरू करना चाहती है।

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