'पेपर लीक ने तोड़ा छात्रों का सपना'
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने कहा, "पेपर लीक का मुद्दा न केवल उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बल्कि पूरे देश के लिए अभिशाप बन गया है।" उन्होंने कहा, "बीते सात वर्षों में ही 70 से ज्यादा पेपर लीक के मामलों ने दो करोड़ से ज्यादा छात्रों का सपना तोड़ा है। इससे न सिर्फ भविष्य का निर्माण करने वालों के कीमती साल बर्बाद हो रहे हैं, बल्कि उनके परिवारों पर भी आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ रहा है।"
'जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत'
राहुल गांधी ने आगे कहा, "लापरवाह सरकार, भ्रष्ट अधिकारी, नकल माफिया और निजी प्रिंटिंग प्रेस के आपराधिक गठजोड़ को खत्म कर हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है।" उन्होंने कहा, "जब मैंने छात्रों से बातचीत की तो उन्होंने मुझे बताया कि पेपर लीक की तीन मुख्य वजहें हैं- बिका हुआ सरकारी तंत्र, निजी प्रिंटिंग प्रेस और भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका अधीनस्थ सेवा चयन आयोग।"
'फुलप्रूफ प्लान तैयार करेगी कांग्रेस'
उन्होंने आगे कहा, "सभी से मिले सुझावों के आधार पर कांग्रेस युवाओं की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक ठोस और फुलप्रूफ प्लान तैयार कर रही है और बहुत जल्द हम आपके सामने विजन रखेंगे। हम छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। युवाओं का भविष्य 'इंडिया' (विपक्षी गठबंधन) की प्राथमिकता है।" कांग्रेस नेता की ओर से यह प्रतिक्रिया तब सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कार्रवाई करते हुए मंगलवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की अध्यक्ष रेणुका मिश्रा को हटाया है।
पारदर्शी हो भर्ती प्रक्रिया: जयराम रमेश
वहीं, कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "अन्याय के दौर में बार-बार होने वाले पेपर लीक घोटालों से प्रभावित अभ्यर्थियों की संख्या चौंकाने वाली है। उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती के लिए पेपर लीक हुए हैं। जिससे 60 हजार पदों के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले 50 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में गणित और जीव विज्ञान के पेपर भी लीक हुए हैं।" रमेश ने कहा कि विपक्षी गठबंधन की सरकार न केवल केंद्र में दस लाख रिक्त पदों पर भर्ती करेगी। बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।