साइबर अपराध के बढ़ते मामले के बीच मुंबई पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट को को फौरन कार्रवाई का भरोसा दिया है। मामले में कोर्ट ने भी पुलिस से कहा कि आम जनता को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाए जाएं।
देशभर में साइबर ठगी के बढ़ते मामले प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। इसी बीच मुंबई की एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई, खासकर वरिष्ठ नागरिकों के शिकार बनने को लेकर। इस पर पुलिस की तरफ से संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) लखमी गौतम ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि आगे से ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को इस दिशा में प्रशिक्षित किया जाएगा।
बता दें कि जिस मामले में हाईकोर्ट सुनवाई कर रही थी उसमें महिला ने आरोप लगाया था कि 45 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत करने पर भी स्थानीय पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की और देर से कार्रवाई की, जिससे सिर्फ 2 लाख रुपये ही बचाए जा सके। पुलस आयुक्त ने कोर्ट के जवाब दिया कि 10 लाख रुपये से कम की साइबर धोखाधड़ी की जांच स्थानीय पुलिस स्टेशन करते हैं, जबकि बड़ी राशि की जांच साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों द्वारा की जाती है।
जागरूकता अभियान चलाने पर जोर
इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस के आश्वासन को दर्ज करते हुए कहा कि आम जनता को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि अगर किसी से धोखे से पैसे निकलवाए गए हैं, तो उन्हें जल्द से जल्द वापस दिलाने की कोशिश की जाए। इसके अलावा हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र साइबर सुरक्षा निगम से भी इस विषय में जानकारी मांगी है और इसके अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को 22 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।