कांग्रेस की प्रवक्ता, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव का कहना है कि भाजपा राहुल गांधी को दक्षिण भारत में मिल रही लोकप्रियता से परेशान है। इसलिए जानबूझकर तिल का ताड़ बनाने में जुटी है। कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता का कहना है कि लोगों को किसी राष्ट्रीय नेता की समझ पर सवाल उठाने से पहले सोचना चाहिए। राजनीति का इतना स्तर गिराना भी ठीक नहीं। पूर्व महासचिव का कहना है कि यह उत्तर भारत के लोग जानते हैं कि राहुल और कांग्रेस पार्टी दोनों उत्तर भारत का कितना आदर करते हैं। कांग्रेस पार्टी इसके साथ-साथ पूरे देश के हर क्षेत्र, जाति, धर्म, संप्रदाय का आदर करती है। कांग्रेस के लिए सब समान हैं। बंटवारा और नफरत की राजनीति भाजपा करती है। सूत्र का कहना है कि प्रयागराज में प्रियंका गांधी वाड्रा ने जाकर मछुआरों, नाविकों की समस्या सुनी है तो है तो तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल में राहुल गांधी ने इसे मजबूती के साथ उठाया है। मछुआरों की समस्या से राहुल गांधी के जुड़ने के बाद से ही भाजपा की परेशानी बढ़ गई है। इसलिए वह मुद्दे को तोड़-मरोड़ कर नया रंग देने में जुट गई है।
कांग्रेस के दूसरे प्रवक्ताओं की सुनिए
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने तो कहा कि राहुल गांधी ने कहा, लोग समझ गए। जो नहीं समझे वह सांबित पात्रा हैं। पवन खेड़ा ने साबित पात्रा पर दो कारणों से निशाना साधा। एक तो यह कि सांबित पात्रा हमेशा राहुल गांधी को नासमझ साबित करने में लगे रहते हैं। दूसरे सांबित पात्रा भाजपा के आक्रामक प्रवक्ता हैं। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला खुद मैदान में उतर आए। सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा को अमन और भाई चारे की राजनीति करनी नहीं आती। उसे नफरत, बंटवारे की राजनीति करने में महारत हासिल है। पार्टी के प्रवक्ता और राज्य सभा में सदन के उपनेता आनंद शर्मा को भी मैदान में उतरना पड़ा। आनंद शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी ने जो कहा है, उसे समझदारी के साथ लिया जाना चाहिए। ऐसा कहकर उन्होंने कहीं भी उत्तर भारत का अपमान नहीं किया है। आनंद शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने कभी उत्तर भारत का अनादर नहीं किया। आजादी के बाद से उत्तर भारत ने देश के पहले प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे शानदार प्रधानमंत्री दिए हैं। यहां तक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी उत्तर भारत से ही हैं। आनंद शर्मा ने इसी तरह की सफाई अमेठी को लेकर भी दी।
राहुल गांधी ने त्रिवेंद्रम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मैं 15 साल तक उत्तर भारत में सांसद था। मुझे एक अलग तरह की राजनीति की आदत हो गई थी। राहुल ने कहा मेरे लिए केरल आना बेहद नया अनुभव था, क्योंकि मुझे अचानक लगा कि यहां लोग मुद्दों में दिलचस्पी रखते हैं और जमीनी तौर पर मुद्दे को विस्तार में ले जाने वाले हैं। राहुल गांधी का इतना कहना भर था कि भाजपा के नेताओं ने इसे राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दे के तौर पर उछाल दिया।