तेलंगाना की सूरत और सीरत को बदलने के लिए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी अब भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा और ब्रह्मकुमारी की प्रेरणा का सहारा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार अतिक्रमण के खिलाफ लड़ने के लिए भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं से प्रेरित हुई है। जबकि नशे के विरुद्ध लड़ाई के लिए ब्रह्मकुमारी के नक्शेकदम पर चल रही है।
हरे कृष्ण मूवमेंट के एक कार्यक्रम में अभिनेता नागार्जुन के कन्वेंशन सेंटर को ध्वस्त करने को लेकर सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि कुरुक्षेत्र युद्ध में अर्जुन को दी गई भगवान कृष्ण की शिक्षाओं से प्रेरित होकर हमारी सरकार झीलों के अतिक्रमण के खिलाफ लड़ रही है। यह राजनीति से प्रेरित या राजनीतिक दलों के खिलाफ कोई अभियान नहीं है। सरकार झीलों पर अतिक्रमण करने वाले हर व्यक्ति पर कार्रवाई करेगी। किसी दबाव में नहीं आएगी। चाहे व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली हो।
उन्होंने कहा कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने सिखाया है कि लोगों की भलाई के लिए व्यक्ति को धर्म का पालन करना चाहिए। उसे अधर्म को हराना चाहिए, चाहे फिर उसे अपने दोस्तों से ही क्यों न युद्ध करना पड़े। गीता में अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की प्रेरणा है। मैं झीलों को बचाने के लिए विध्वंस की दिशा में आगे बढ़ रहा हूं। मुझे पता है कि इससे कई लोग नाराज होंगे। जो मेरी सरकार को प्रभावित कर सकते हैं। मगर मुझे हैदराबाद की रक्षा करनी है और इसे वायनाड और चेन्नई बनने से रोकना है।
वहीं नशे को लेकर सीएम ने कहा कि तेलंगाना सरकार ने ब्रह्मकुमारी के नक्शेकदम पर चलकर नशीली दवाओं के खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए एक नारकोटिक्स टीम का गठन किया है । लोगों को ड्रग्स शब्द का उच्चारण करने से भी डरना चाहिए। सरकार तेलंगाना को ड्रग मुक्त राज्य बनाने के लिए सभी प्रयास कर रही है। यह जनता की सरकार और किसान हितैषी सत्तारूढ़ राज्य है। कृषि ऋण माफी योजना लागू करके यह पहले ही साबित हो चुका है कि तेलंगाना देश का एकमात्र राज्य है जिसने केवल आठ महीने में किसानों का 31,000 करोड़ रुपये का ऋण माफ कर दिया।