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Politics: 'पूर्व PM नेहरू के पत्र के सामने क्यों नहीं आने चाहिए', केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने उठाया सवाल

Wed, 12 Mar 2025 10:05 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Politics: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू के निजी पत्रों को सार्वजनिक करने की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पत्रों को अगर वे अत्यधिक निजी नहीं हैं, तो उन्हें क्यों नहीं सार्वजनिक किया जा सकता।
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गजेंद्र सिंह शेखावत - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के निजी पत्रों को सार्वजनिक करने की मांग के बीच केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को सवाल किया कि एक प्रधानमंत्री के पत्र देश के सामने क्यों नहीं आ सकते, जब तक कि 'वे अत्यधिक व्यक्तिगत पत्र' न हों। नेहरू का निवास दिल्ली के तीन मूर्ति भवन में था, जिसे उनके निधन के बाद नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी (एनएमएमएल) में तब्दील कर दिया गया था, जहां किताबों और दुर्लभ दस्तावेजों का समृद्ध संग्रह है। 

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एनएमएमएल सोसायटी ने जून 2023 में एक विशेष बैठक में इसके नाम को बदलकर 'प्रधानमंत्री म्यूजियम और लाइब्रेरी' (पीएमएमएल) सोसायटी रखने का फैसला किया। दिसंबर 2023 में पीएमएमएल सोसायटी के एक सदस्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अनुरोध किया था कि नेहरू के उन निजी दस्तावेजों को सार्वजनिक कराया जाए, जिन्हें 2008 में तत्कालीन यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी के कहने पर एनएमएमएल से हटा दिया गया था। 

सोनिया गांधी को पत्र लिखकर किया गया था आग्रह
शेखावत ने इस मुद्दे को लेकर कहा, अगर किसी देश के प्रधानमंत्री ने किसी को पत्र लिखे हैं, तो अत्यधिक निजी पत्रों को छोड़कर ये पत्र देश के सामने क्यों नहीं आ सकते? अहमदाबाद के एक कॉलेज में इतिहास पढ़ाने वाले रिजवान कादरी ने पिछले सितंबर में सोनिया गांधी को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि नेहरू के निजी पत्रों को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाए। इन दस्तावेजों में नेहरू और जयप्रकाश नारायाण, एडविना माउंटबेटन और अल्बर्ट आइंस्टीन जैसे व्यक्तित्वों के बीच संवाद शामिल हैं। 
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असदुद्दीन ओवैसी के आरोपों पर भी दिया जवाब
शेखावत ने 10 मार्च को लोकसभा में एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने कहा था कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को हिंदुत्व की विचारधारा का मुक्त किया जाना चाहिए। इस पर शेखावत ने जवाब दिया कि नरेंद्र मोदी सरकार सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत पर काम क रही है और किसी खास समुदाय को कोई विशेष फायदा नहीं दिया जा रहा है। 
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'सबका साथ-सबका विश्वास के मंत्र पर काम क रही सरकार'
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में कुछ वर्ग थे जो 55 साल से तुष्टिकरण का लाभ उठा रहे थे। शेखावत ने कहा कि सरकार बीते करीब 11 वर्षों से सबका साथ-सबका विश्वास के मंत्र पर काम कर रही है, लेकिन कुछ वर्ग अब भी ऐसी चीजें देखते हैं। इसके अलावा, शेखावत ने भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन मंत्रालय द्वारा उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। शेखावत ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (एनएआई) वर्तमान में दुनिया के सबसे बड़े डिजिटलीकरण कार्यक्रम पर काम कर रहा है, जिसमें हर महीने छह लाख पन्नों को संरक्षित किया जा रहा है और लाखों पन्नों को डिजिटल रूप में बदला जा रहा है। 

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