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JLF 2026: 'बच्चों को पता रहे विभाजन की गलतियां'; सुधा मूर्ति बोलीं- दोबारा ऐसा नहीं होना चाहिए

Sat, 17 Jan 2026 04:58 PM IST
रिया दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

सुधा मूर्ति ने कहा कि बच्चों को भारत के विभाजन का इतिहास जानना जरूरी है, ताकि वे समझ सकें कि यह एक बड़ी गलती थी जिसे दोहराया नहीं जाना चाहिए। उनकी नई किताब इसी उद्देश्य से लिखी गई है, ताकि आने वाली पीढ़ी आज की स्थिरता के पीछे छिपे संघर्ष और बलिदान को समझ सके।
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सुधा मूर्ति - फोटो : PTI
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विस्तार
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जानी मानी लेखिका सुधा मूर्ति ने कहा है कि भारत के अतीत, खासकर विभाजन की कहानी बच्चों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि वे समझ सकें कि यह एक बड़ी भूल थी, जिसे दोहराया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत उन्होंने अपनी नई किताब 'द मैजिक ऑफ द लॉस्ट इयररिंग्स' में इस संवेदनशील विषय को शामिल किया है।

इतिहास को जाने बिना भविष्य को समझना संभव नहीं

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) के 19वें संस्करण में बोलते हुए सुधा मूर्ति ने कहा कि इतिहास को जाने बिना भविष्य को समझना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के विभाजन ने लाखों लोगों की जिंदगी को रातोंरात बदल दिया और लोगों को अपने ही देश में शरणार्थी बना दिया।

किताब लिखने की प्रेरणा अपनी पोती से मिली

मूर्ति ने बताया कि इस किताब को लिखने की प्रेरणा उन्हें अपनी पोती अनुष्का सुनक को यह समझाने की इच्छा से मिली कि आज जो स्थिरता और सुरक्षा हमें मिली है, उसके पीछे कितने बलिदान और संघर्ष छिपे हैं। उपन्यास की मुख्य पात्र 'नूनी' भी अनुष्का पर ही आधारित है।

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उन्होंने अपने दामाद और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि उनके परिवार को दो बार विस्थापन झेलना पड़ा पहले भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान और फिर अफ्रीका से। उन्होंने कहा कि बार-बार घर, जमीन और पहचान खोने का दर्द वही समझ सकता है, जिसने इसे झेला हो।

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सिंधी समुदाय के दर्द पर की बात 

सुधा मूर्ति ने विशेष रूप से सिंधी समुदाय के दर्द पर बात करते हुए कहा कि विभाजन में सिंधियों ने सिर्फ अपनी जमीन ही नहीं, बल्कि भाषा और सांस्कृतिक पहचान भी खो दी। पीढ़ियों के साथ उनकी भाषा लगभग विलुप्त होती चली गई।

विदेशी कहलाना बेहद पीड़ादायक

उन्होंने पाकिस्तान यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि साझा इतिहास, संस्कृति और भोजन के बावजूद अचानक 'विदेशी' कहलाना बेहद पीड़ादायक था।

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मूर्ति की नई किताब में एक साधारण यात्रा से शुरू हुई कहानी धीरे-धीरे विभाजन, प्रवासन और पहचान जैसे गहरे मुद्दों को सामने लाती है। उनका नवीनतम उपन्यास उनकी सबसे अधिक बिकने वाली 'मैजिक सीरीज' का तीसरा उपन्यास है। 
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