फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिर 13 नंबर से क्यों डरते हैं केरल सरकार के मंत्री?

Fri, 27 May 2016 06:11 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
रहस्यमयी तरीके से 13 नंबर की कार को किसी भी मंत्री ने नहीं चुना - फोटो : indianExpress
विज्ञापन
केरल में सरकार की कारों के नंबर 1, 2, 3… 20 तक शामिल हैं, लेकिन रहस्यमयी तरीके से 13 नंबर की कार को किसी भी मंत्री ने नहीं चुना है। एलडीएफ मंत्रियों को ये कारें आवंटित की गई हैं, जिन्होंने बुधवार को शपथ ली थी। राज्य सरकार की कार नंबर 1 मुंख्यमंत्री पिनारई विजयन को आवंटित की गई है।
विज्ञापन


12 नंबर की कार केटी जलील (स्वतंत्र विधायक) को दी गई है। 13 नंबर की कार सीपीआई मंत्री पी थिलोथमन को आवंटित की जानी थी, लेकिन उन्हें 14 नंबर की कार अवांटित की गई। इस मामले में थिलोथमन ने कहा कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने मुझे 14 नंबर की कार आवंटित की गई है, जो अभी तक मेरे पास नहीं पहुंची है। मैंने जानबूझकर 13 नंबर की कार लेने से इंकार नहीं किया है। 

पिछली केरल सरकार में भी 13 नंबर की कार को शामिल नहीं किया गया था। मंत्रियों को कारें राज्य पर्यटन विभाग आवंटित करता है। पर्यटन डिप्टी डायरेक्टर रघु दास ने कहा कि जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट तय करता है कि कौन सी कार किस मंत्री को दी जाए। यदि लिस्ट में 13 नंबर की कार शामिल नही है तो हो सकता है कि इस नंबर की कार बेड़े में हो ही न।
विज्ञापन


इंडियन एक्सप्रेस को राज्य के अतिरिक्त प्रोटोकॉल ऑफिसर ए.के मुस्तफा ने बताया कि मंत्रियों को उनकी कार नंबर चुनने के बाद ही कारें दी जाती हैं लेकिन किसी भी मंत्री ने 13 नंबर की कार को नहीं चुना। भाजपा के प्रदेश महासचिव के. सुरेन्द्रन ने लेफ्ट पर निशाना साधते हुए फेसबुक पोस्ट में उन्होंने पूछा है कि 13 नंबर के साथ क्या दिक्कत है।

लोगों को यह जानने का हक क्यों नहीं है कि समाजवाद को अपनी बुनियादी विचारधारा मानने वाले माकपा और भाकपा के मंत्रियों को 13 नंबर से क्या दिक्कत है। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेता सीताराम येचुरी और प्रकाश करात को उचित जवाब देना चाहिए। सुरेन्द्रन ने यह भी कहा कि क्या इनमें इतना साहस है कि वे लोगों को ये बताएं कि 13 नंबर दुर्भाग्यशाली है।
विज्ञापन

हर कोई बचना चाहता है 13 नंबर से

- फोटो : Agency
2006-11 के दौरान एलडीएफ सरकार में शिक्षा मंत्री रहे सीपीएम पोलित ब्यूरो के सदस्य बेबी ने कार नंबर 13 को उस वक्त चुना था। बेबी ने कहा- 2006 में मुझे 10 नंबर की कार दी गई थी, उसके बाद मुझे सुनने को मिला कि केरल हाई कोर्ट में 13 नंबर का कोई जज चैंबर नही है।

एक बुद्धिजीवी ने याचिका दायर की लेकिन हाईकोर्ट ने उसे रिजेक्ट कर दिया। फिर उसने सुप्रीम कोर्ट का दरबाजा खटखटाया सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के अंधविश्वास को बढ़ावा देने के लिए फटकार लगाई।  तब मुझे पता लगा कि राज्य सरकार के पास 13 नंबर की कोई भी कार नहीं है।

मैंने सरकार के साथ एक याचिका दायर की जिसके बाद 13 नंबर की कार को जारी किया गया और मुझे दी गई। उसके बाद से किसी भी सरकार ने 13 नंबर की कार को जारी नहीं किया है। पूर्व की यूडीएफ सरकार में पर्यटन मंत्री रहे ए. पी अनिल कुमार ने कहना है कि  "हमने ( कैबिनेट सहयोगियों ) में से कोई भी ,कार नंबर 13 का इस्तेमाल नहीं किया था क्योंकि इसे कथित तौर पर अशुभ माना जाता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें