रहस्यमयी तरीके से 13 नंबर की कार को किसी भी मंत्री ने नहीं चुना
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केरल में सरकार की कारों के नंबर 1, 2, 3… 20 तक शामिल हैं, लेकिन रहस्यमयी तरीके से 13 नंबर की कार को किसी भी मंत्री ने नहीं चुना है। एलडीएफ मंत्रियों को ये कारें आवंटित की गई हैं, जिन्होंने बुधवार को शपथ ली थी। राज्य सरकार की कार नंबर 1 मुंख्यमंत्री पिनारई विजयन को आवंटित की गई है।
12 नंबर की कार केटी जलील (स्वतंत्र विधायक) को दी गई है। 13 नंबर की कार सीपीआई मंत्री पी थिलोथमन को आवंटित की जानी थी, लेकिन उन्हें 14 नंबर की कार अवांटित की गई। इस मामले में थिलोथमन ने कहा कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने मुझे 14 नंबर की कार आवंटित की गई है, जो अभी तक मेरे पास नहीं पहुंची है। मैंने जानबूझकर 13 नंबर की कार लेने से इंकार नहीं किया है।
पिछली केरल सरकार में भी 13 नंबर की कार को शामिल नहीं किया गया था। मंत्रियों को कारें राज्य पर्यटन विभाग आवंटित करता है। पर्यटन डिप्टी डायरेक्टर रघु दास ने कहा कि जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट तय करता है कि कौन सी कार किस मंत्री को दी जाए। यदि लिस्ट में 13 नंबर की कार शामिल नही है तो हो सकता है कि इस नंबर की कार बेड़े में हो ही न।
इंडियन एक्सप्रेस को राज्य के अतिरिक्त प्रोटोकॉल ऑफिसर ए.के मुस्तफा ने बताया कि मंत्रियों को उनकी कार नंबर चुनने के बाद ही कारें दी जाती हैं लेकिन किसी भी मंत्री ने 13 नंबर की कार को नहीं चुना। भाजपा के प्रदेश महासचिव के. सुरेन्द्रन ने लेफ्ट पर निशाना साधते हुए फेसबुक पोस्ट में उन्होंने पूछा है कि 13 नंबर के साथ क्या दिक्कत है।
लोगों को यह जानने का हक क्यों नहीं है कि समाजवाद को अपनी बुनियादी विचारधारा मानने वाले माकपा और भाकपा के मंत्रियों को 13 नंबर से क्या दिक्कत है। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेता सीताराम येचुरी और प्रकाश करात को उचित जवाब देना चाहिए। सुरेन्द्रन ने यह भी कहा कि क्या इनमें इतना साहस है कि वे लोगों को ये बताएं कि 13 नंबर दुर्भाग्यशाली है।