राफेल मुद्दे को लेकर पिछले कई दिनों से कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल सरकार से जेपीसी के गठन की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर संसद का शीतकालीन सत्र भी नहीं चल पा रहा है। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सरकार क्यों नहीं करना चाहती जेपीसी का गठन? उसे किस बात का डर सता रहा है?
संसदीय इतिहास पर नजर डालें तो पिछले 70 सालों में अलग-अलग मामलों को लेकर कुल 8 बार जेपीसी का गठन किया गया है। इसमें 5 बार तो ऐसा हुआ है कि इसकी वजह से सत्ताधारी दल अगला आम चुनाव हार गई। ये एक कारण हो सकता है कि सरकार जेपीसी का गठन नहीं करना चाहती।
ये भी हो सकता है जेपीसी के गठन न करने का कारण?
राफेल मुद्दे पर जेपीसी के गठन का भाजपा लगातार विरोध कर रही है। चूंकि जेपीसी के पास असीमित अधिकार होते हैं और यह मामला सीधे प्रधानमंत्री से जुड़ा हुआ है, ऐसे में अगर जेपीसी का गठन होता है तो इसकी आंच सीधे प्रधानमंत्री मोदी पर पड़ेगी। जेपीसी उनसे मामले को लेकर पूछताछ कर सकती है।