विशेषज्ञों के मुताबिक प्याज का भंडारण करना संभव नहीं है। ऐसे में सरकार के पास प्याज की उचित मूल्य पर खरीदकर बाजार में भाव को बढ़ाना ही एक मात्र उपाय है, जिसके बारे में सरकार विचार कर रही है। ऐसे में राज्य की एजेंसियों के जरिए सरकार तय मात्रा में प्याज की खरीद कर सकती है। पिछले साल आलू की खरीद भी सरकार ने इसी तरह से की थी। ट्रांसपोर्टेशन सब्सिडी के साथ मंडी शुल्क में भी छूट मुहैया कराई जा सकती है।
गौरतलब है कि प्याज पैदावार करने वाले राज्यों में सर्वाधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश हैं। महाराष्ट्र में किसानों की एक कंपनी एमपीएफसी ने इस संकट से निकलने के लिए उन राज्यों के साथ सीधे व्यापार करने की तैयारी की है, जहां प्याज की कमी है। इसके अलावा राज्य में पानी की कमी के कारण खरीफ की फसल की जल्द कटाई भी की जा रही है। साथ ही सरकारी स्तर पर अन्य उपायों को भी लागू करने की कवायद चल रही है।