बीएसएफ जवान, नीरज कुमार ने अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के 2011 बैच के आईपीएस शंकर चौधरी के खिलाफ सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक को शिकायत दी है। आरक्षक/जीडी नीरज कुमार ने आईपीएस अधिकारी पर रात के दौरान हरे भरे पेड़ काटने और उसे आरक्षक की गाड़ी पर फेंकने का आरोप लगाया है। इससे जवान की कार को नुकसान पहुंचा है। आरक्षक ने अपने आरोपों में यह भी कहा है कि आईपीएस द्वारा मेरे परिवार को आए दिन धमकी देकर परेशान किया जा रहा है।
आरक्षक नीरज कुमार ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह बल की 66वीं बटालियन, आलमगंज, धुबरी (असम) में बॉर्डर पर तैनात है। मौजूदा समय में जवान नीरज, 150 वीं बटालियन में जीएलसी फेस 1 कोर्स कर रहा है। यह कोर्स दो जून से 26 जुलाई तक चलेगा। जवान का परिवार दिल्ली के आरके पुरम स्थित सेक्टर 12 में सीपीडब्लूडी क्वार्टर टाइप 2, संख्या 306 में रहता है। पड़ोस में ग्राउंड फ्लोर पर आईपीएस शंकर चौधरी का क्वार्टर नंबर 318, टाइप 4, है।
शिकायतकर्ता ने आईपीएस पर उसके परिवार को अनावश्यक धमकी देने का आरोप लगाया है। धमकी में तबादला और नौकरी से बर्खास्त कराना भी शामिल है। शिकायत में लिखा है कि उक्त अधिकारी ने 19 जून को अपने साथी के मिलकर एक हरा भरा पेड़ काट दिया। पेड़ को काटने के बाद उसे जवान की कार पर फेंक दिया गया। जवान की पत्नी ने जब आईपीएस से बात करने की कोशिश की तो उनके साथियों ने धमकी देकर उसे वापस भेज दिया। यह भी कहा कि ज्यादा मत बोलो, पूरे परिवार को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
शिकायत में भी कहा गया है कि उक्त अधिकारी ने सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के गेट को हटाकर अपने आवास में रख लिया है। इससे पहले भी उन्होंने जवान के गैराज पर कब्जा कर लिया था। जवान की पत्नी के विनम्र आग्रह पर गैराज वापस दिया गया। दूसरे लोगों के आवास के आसपास भी अतिक्रमण करने का आरोप है। जवान के मुताबिक, जब उसने इसकी सूचना पुलिस को दी तो आईपीएस ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से मेरी कार को उठवा कर थाने में भिजवा दिया।
बीएसएफ जवान नीरज कुमार ने अपनी शिकायत में कहा है कि मेरी पत्नी अपने दो नाबालिक बच्चों के साथ क्वार्टर में अकेले रहती है। उक्त घटना के बाद मेरा परिवार सदमे में है। आईपीएस अधिकारी द्वारा धमकियां दी जा रही हैं। नीरज कुमार ने बीएसएफ डीजी से निवेदन किया है कि इस शिकायत पर आईपीएस शंकर चौधरी और उनके साथियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने अपने परिवार के जान माल की सुरक्षा करने की भी मांग की है।