प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के लिए पांच अगस्त बेहद खास है। इस बार पांच अगस्त को पीएम मोदी, राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखेंगे। यह मौका भाजपा के लिए किसी जश्न से कम नहीं है। यह अलग बात है कि सोशल डिस्टेंसिंग के चलते यह भव्य समारोह एक सीमित दायरे में ही संपन्न होगा। पिछले साल पांच अगस्त को ही मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की घोषणा की थी।
इस बाबत भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि जब मैं पांच अगस्त को राज्यसभा में धारा-370 को खत्म करने के प्रस्ताव पर वोट का बटन दबा रहा था, तो मैं उस वक्त सोच रहा था कि ईश्वर कितना मेहरबान है कि इस ऐतिहासिक क्षण में मेरी अंगुली भी काम आई।
उन्होंने कहा, हम सभी को यहां तक पहुंचने में वर्षों लग गए। न जानें कितनी यात्राएं हुईं और न जाने कितने लोगों ने त्याग किया। 1954 में 15 हजार लोगों ने बलिदान दिया था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपनी जान दे दी। 1954 से 2019 तक पहुंचने के बाद पांच अगस्त को 370 को खत्म करने का ऐतिहासिक फैसला लिया जा सका।
अनुच्छेद 370 हटाने का फायदा भी हुआ है। पिछले साल जम्मू-कश्मीर में 126 आतंकी मारे गए थे। इसके अलावा विभिन्न सुरक्षा बलों के 75 जवान भी शहीद हो गए थे। साल 2020 में अभी 35 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं। अगर आतंकियों के मारे जाने का आंकड़ा देखें तो वह 140 तक पहुंच चुका है।
गत वर्ष जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने छह जगहों पर आईईडी ब्लास्ट किया था, इस बार अभी तक केवल एक आईईडी ब्लास्ट हुआ है।
राम मंदिर आंदोलन के साथ लंबे समय से जुड़ी रहीं भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा था कि अगर मेरे सामने पांच हजार जिंदगियों के बजाय सिर्फ इस मौके को चुनने का मौका दिया जाए, तो मैं सिर्फ इसी मौके को जीना पसंद करूंगी।
कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि 22.6 किलोग्राम की शुद्ध चांदी की ईंट से मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी। चांदी की ईंट की तस्वीर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा है 'ऐतिहासिक पल का प्रमाण ये चांदी की वो ईंट है, जो इतिहास में दर्ज होने वाली है। ये ईंट शुद्ध चांदी की बनी हई है। ईंट पर इसका वजन भी लिखा गया है। 22600 ग्राम की ईंट पर भूमि पूजन का दिन, तारीख और समय भी लिखा है।
बताया जाता है कि पीएम के सामने दो तिथियां तीन और पांच अगस्त रखी गई थीं। इनमें से पीएम ने पांच अगस्त का चयन किया। भूमि पूजन की खुशियों में लड्डू बांटने की परंपरा निभाते हुए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने खास तैयारी की है।