थोक दवा कारोबार के लाइसेंस नियमों में बदलाव की तैयारी है। डीटीएबी ने कम्पीटेंट पर्सन के तौर पर केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट को रखने की सिफारिश की है। क्या बदलेंगे मौजूदा नियम और कारोबारियों पर क्या असर पड़ेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
थोक दवा कारोबार के लिए भी अब फार्मा की डिग्री या डिप्लोमा अनिवार्य करने की तैयारी है। मतलब अब दवाईयों के थोक कारोबार के लिए फार्मासिस्ट को ही जिम्मेदार माना जाएगा। अभी थोक दवा लाइसेंस के लिए दुकान या गोदाम की जिम्मेदारी पंजीकृत फार्मासिस्ट के अलावा दवा कारोबार का अनुभव रखने वाला व्यक्ति भी संभाल सकता है। लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) ने नियम बदलकर कम्पीटेंट पर्सन यानी जिम्मेदार व्यक्ति के तौर पर केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट को रखने की सिफारिश की है। नियम में बदलाव हुआ तो गैर-फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहे थोक दवा कारोबारियों को अपनी व्यवस्था बदलनी पड़ सकती है।
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अभी तीन तरह से बन सकता है जिम्मेदार व्यक्ति
ड्रग्स रूल्स, 1945 के नियम 64 के मुताबिक थोक दवा लाइसेंस के लिए परिसर में एक 'कम्पीटेंट पर्सन' होना जरूरी है। मौजूदा व्यवस्था में वह पंजीकृत फार्मासिस्ट हो सकता है। इसके अलावा मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक पास व्यक्ति भी चार साल के दवा बिक्री अनुभव के साथ यह जिम्मेदारी संभाल सकता है। तीसरा विकल्प मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से डिग्री और दवा कारोबार में एक साल का अनुभव रखने वाला व्यक्ति है। यानी मौजूदा नियम में केवल फार्मासिस्ट को ही अनिवार्य नहीं किया गया है। यह व्यवस्था खासतौर पर फॉर्म 20-बी और 21-बी के तहत थोक दवा लाइसेंस से जुड़ी है। थोक लाइसेंस के लिए परिसर का न्यूनतम क्षेत्रफल भी निर्धारित है।
फरवरी में दूसरा विकल्प था, अब डीटीएबी ने रुख बदला
दिलचस्प बात यह है कि डीटीएबी ने इसी साल फरवरी में इस नियम में बदलाव पर विचार करते हुए पंजीकृत फार्मासिस्ट या विज्ञान में डिग्री के साथ दो साल का दवा कारोबार का अनुभव और छह महीने का मान्य ऑनलाइन पाठ्यक्रम करने वाले व्यक्ति को जिम्मेदार व्यक्ति बनाने की सिफारिश की थी। लेकिन अब बोर्ड ने इस पर दोबारा विचार किया। बड़ी संख्या में आपत्तियां मिलने के बाद डीटीएबी ने कहा कि देश में पर्याप्त फार्मासिस्ट उपलब्ध हैं। इसलिए अब नियम में केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट को कम्पीटेंट पर्सन बनाने और पुराने मसौदे को अंतिम रूप देने की सिफारिश की गई है।
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नियम बदला तो थोक विक्रेताओं पर पड़ेगा असर
अभी जिस थोक दवा प्रतिष्ठान में गैर-फार्मासिस्ट व्यक्ति अनुभव या डिग्री के आधार पर जिम्मेदार व्यक्ति है, वहां नए नियम लागू होने पर पंजीकृत फार्मासिस्ट की जरूरत होगी। इससे दवाओं की खरीद, भंडारण और बिक्री की जिम्मेदारी प्रशिक्षित व्यक्ति के पास आने की उम्मीद है।