'राफेल' को लेकर कांग्रेस और भाजपा, दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हमलावर हो गई हैं। दोनों ही एक-दूसरे से माफी मांगने की बात कह रही हैं। पांच राज्यों के चुनावी नतीजे आने के बाद शांत बैठी भाजपा शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एकाएक आक्रामक मुद्रा में आ गई। संसद और इसके बाहर भाजपा के मंत्री-संतरी सब, माफी-माफी चिल्लाने लगे कि राफेल पर झूठ बोलने के लिए राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए।
वहीं, फैसला आने के करीब छह-सात घंटे बाद कांग्रेस पार्टी ने भी भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गलत तथ्य पेश कर उसे गुमराह करने का प्रयास किया है, इसलिए अब भाजपा नेताओं को देश से माफी मांगनी चाहिए। शनिवार को कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने तो गृहमंत्री राजनाथ सिंह का नाम लेकर कहा, समय आएगा जब राफेल पर वे माफी मांगेंगे।
भाजपा खेमें से एक ही आवाज आई थी 'राहुल मांगें माफी'
बतौर कपिल सिब्बल, कोर्ट का फैसला आते ही सारे भाजपाई घर से बाहर निकल पड़े। इससे पहले वे दुबके से बैठे हुए थे। खैर, अच्छी बात है बाहर निकलना चाहिए। बता दें कि पांच राज्यों के चुनावी नतीजे आने के बाद भाजपा खेमा पूरी तरह शांत था। राफेल का फैसला आते ही भाजपा संसद से लेकर सड़क तक कांग्रेस पार्टी पर हमलावर हो गई। वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विधि एवं न्यायिक मामलों के मंत्री रविशंकर प्रसाद और दूसरे कई मंत्री एवं पार्टी पदाधिकारी एक स्वर में बोलने लगे कि राहुल गांधी माफी मांगें। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने तो प्रेस वार्ता कर राफेल मामले में क्लीन चिट मिलने की बात कह दी। उन्होंने कहा, राहुल गांधी ने राफेल पर झूठ बोला है, इसलिए अब उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस पार्टी ने कहा, पीएम मोदी और भाजपा को माफी मांगनी चाहिए
हालांकि राहुल गांधी ने शुक्रवार शाम को ही कह दिया था कि सरकार ने राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया है। इसके लिए मोदी और भाजपा को माफी मांगनी चाहिए। शनिवार सुबह पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) के चेयरमैन मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, राफेल के मामले में पीएसी के पास तो कोई रिपोर्ट आई ही नहीं। हमने महान्यायवादी (एजी) और कैग को पीएसी के समक्ष पेश होने के लिए बुलाया है। उनसे पूछा जाएगा कि उन्होंने यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में किस आधार पर दी है और ये कैसे कह दिया कि रिपोर्ट को पीएसी ने देखा है। सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने के लिए भाजपा सरकार को माफी मांगनी होगी। अगर सरकार को लगता है कि उनकी ही बात सही है तो फिर जेपीसी का गठन करने में देरी न करे। कपिल सिब्बल ने कहा, कोर्ट ने सरकार द्वारा पेश किए गए गलत एवं झूठे तथ्यों के आधार पर फैसला दिया है। इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। मोदी को माफी मांगनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के हर पैराग्राफ में मीडिया रिपोर्ट और शपथपत्र का हवाला है
कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़ते हुए कहा, इसके हर पैराग्राफ में मीडिया रिपोर्ट और सरकार के शपथपत्र का हवाला दिया गया है। जिन बातों का कोई आधार ही नहीं है, सरकार ने वे बातें सुप्रीम कोर्ट में पेश कर दी। यह एक संगीन मामला है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की इन्हीं बातों को सही मानकर फैसला सुना दिया।
कपिल सिब्बल के तर्क, भाजपाई खुद को ही क्लीन चिट देने में लगे हैं
- सरकार ने कोर्ट में राफेल की सभी फाइलें पेश नहीं की।
- इनका कोई नोटिंग पैरा भी नहीं था।
- क्या किसी ने सरकार की बातों को ओवर-रुल किया।
- इन पर ऑब्जेक्शन क्या थे और किसने किए थे।
- अगर यह प्रक्रिया फॉलो होती तो सबूत भी देखे जाते।
- ये सब तो हुआ नहीं, अब ऐसे में भाजपाई खुद को क्लीन चिट दे रहे हैं तो फिर उनकी मनोदशा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
- कांग्रेस पार्टी तो याचिकाकर्ता ही नहीं है तो अदालत क्यों जाएं।
- जब जेपीसी से इस मामले की जांच होगी तो सच लोगों के सामने आ जाएगा।
भाजपा के मंत्रियों को दी सलाह
- वित्तमंत्री अरुण जेटली अपने मंत्रालय पर ज्यादा ध्यान रखें और फिक्शन कम पढ़ें।
- राजनाथ सिंह, एक दिन आएगा जब आप राफेल पर माफी मांगेंगे।
- रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण कहती हैं कि मुझे कुछ अता-पता ही नहीं है, जबकि उन्हें पता सब कुछ है। सरकार को सच्चाई छिपाने की आदत पड़ चुकी है।
- राफेल पर मोदी फंस गए हैं, कुछ बोलते हैं तो भी फंसे, अगर चुप रहते हैं तो इसका मतलब वे फंस गए हैं।