Neville Roy Singham: भारत में चीनी प्रोपोगेंडा फैलाने वाले नेविल रॉय सिंघम कौन? जानें पहले किन विवादों में रहे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Tue, 08 Aug 2023 05:35 PM IST
सार
Neville Roy Singham: 1954 में जन्में 69 वर्षीय नेविल राय सिंघम खुद को कारोबारी और सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट 'ए ग्लोबल वेब ऑफ चाइनीज प्रोपेगेंडा लीड्स टू ए यूएस टेक मुगल' में दावा किया है कि न्यूज पोर्टल्स का एक वैश्विक नेटवर्क चलाया जा रहा है, जिसे सिंघम से फंडिंग मिलती है।
नेविल राय सिंघम
- फोटो : AMAR UJALA
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को लोकसभा में चीनी फंडिग का मुद्दा उठाया। उन्होंने एक अमेरिकी अखबार खुलासे का जिक्र कर रहे थे। अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन दुनियाभर में मीडिया आउटलेट को पैसे देकर अपनी छवि चमकाने और दूसरे देशों के खिलाफ दुष्प्रचार को अंजाम दे रहा है।
भारत में इस तरह के दुष्प्रचार के लिए न्यूज पोर्टल न्यूज क्लिक का इस्तेमाल हो रहा है। अखबार में चीन के इस एजेंडा को चलाने में श्रीलंकाई मूल के अमेरिकी कारोबारी का नाम सामने आया है। इस कारोबारी का नाम नेविल रॉय सिंघम है। आइये जानते हैं आखिर नेविल रॉय सिंघम कौन हैं? सिंघम पर क्या-क्या खुलासे हुए हैं? पहले इस कारोबारी पर किस तरह के आरोप लग चुके हैं?
नेविल राय सिंघम
- फोटो : AMAR UJALA
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को लोकसभा में चीनी फंडिग का मुद्दा उठाया। उन्होंने एक अमेरिकी अखबार खुलासे का जिक्र कर रहे थे। अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन दुनियाभर में मीडिया आउटलेट को पैसे देकर अपनी छवि चमकाने और दूसरे देशों के खिलाफ दुष्प्रचार को अंजाम दे रहा है।
भारत में इस तरह के दुष्प्रचार के लिए न्यूज पोर्टल न्यूज क्लिक का इस्तेमाल हो रहा है। अखबार में चीन के इस एजेंडा को चलाने में श्रीलंकाई मूल के अमेरिकी कारोबारी का नाम सामने आया है। इस कारोबारी का नाम नेविल रॉय सिंघम है। आइये जानते हैं आखिर नेविल रॉय सिंघम कौन हैं? सिंघम पर क्या-क्या खुलासे हुए हैं? पहले इस कारोबारी पर किस तरह के आरोप लग चुके हैं?
नेविल रॉय सिंघम
- फोटो : SOCIAL MEDIA
नेविल रॉय सिंघम कौन हैं?
1954 में जन्में 69 वर्षीय नेविल राय सिंघम खुद को कारोबारी और सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं। सिंघम जाने माने कम्युनिस्ट प्रोफेसर आर्चीबाल्ड सिंघम के बेटे हैं। आर्चीबाल्ड सिटी यूनिवर्सिटी, ब्रुकलिन कॉलेज, न्यूयॉर्क में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर थे।
सिंघम अपनी युवावस्था में डेट्रॉइट में एक श्वेत राष्ट्रवादी-माओवादी समूह 'लीग ऑफ रिवोल्यूशनरी ब्लैक वर्कर्स' से जुड़ गए थे। सिंघम ने 2001 से 2008 तक दिग्गज चीनी कंपनी हुआवेई के लिए रणनीतिक तकनीकी सलाहकार के रूप में काम किया। सिंघम की लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वह शिकागो स्थित एक सूचना प्रौद्योगिकी फर्म थॉटवर्क के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सिंघम ने कुछ साल पहले अपनी कंपनी एक निजी इक्विटी फर्म को 785 मिलियन डॉलर में बेच दी थी। सिंघम ने 2017 में पूर्व डेमोक्रेटिक राजनीतिक सलाहकार और कोड पिंक के सह-संस्थापक जोडी इवांस से शादी की। सिंघम के बेटे मैसाचुसेट्स स्थित थिंक टैंक ट्राइकॉन्टिनेंटल के लिए काम करते हैं।
नेविल रॉय सिंघम
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नेविल रॉय सिंघम पर अमेरिकी अखबार ने क्या खुलासे किए?
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट 'ए ग्लोबल वेब ऑफ चाइनीज प्रोपेगेंडा लीड्स टू ए यूएस टेक मुगल' में दावा किया है कि न्यूज पोर्टल्स का एक वैश्विक नेटवर्क चलाया जा रहा है, जिसे सिंघम से फंडिंग मिलती है। कथित तौर पर ये सभी पोर्टल चीनी सरकारी मीडिया के साथ मिलकर काम करते हैं। इनमें भारत का न्यूज पोर्टल न्यूज क्लिक भी शामिल है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद सोमवार को भाजपा ने एक प्रेस वार्ता की और पोर्टल और विपक्षी कांग्रेस पर कई आरोप लगाए। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी पर देश विरोधी एजेंडा चलाने के लिए चीन के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस, चीन और न्यूज क्लिक, ये भारत विरोधी गर्भनाल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस वेबसाइट के जरिए चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का प्रोपेगेंडा चलाया जाता रहा है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत की जांच एजेंसी ने पुख्ता सबूतों के आधार पर जब 2021 में इस वेबसाइट पर रेड की, तो यह बात उभरकर सामने आई कि एक विदेशी नेविल राय सिंघम ने इसकी फंडिंग की। इस नेविल राय को चीन फंडिंग करता था और जिनका संबंध कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की प्रोपेगेंडा शाखा और चीन की मीडिया कंपनी माकु ग्रुप के साथ है।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि चाइनीज कंपनियां नेविल राय सिंघम के माध्य्म से न्यूज क्लिक को फंडिंग कर रही थीं, लेकिन हिंदुस्तान के कुछ लोग उनके सेल्समैन हो गए थे। चीन के नरेटिव को बनाने के लिए फ्री न्यूज के नाम पर फेक न्यूज परोसी जा रही थी। फ्री न्यूज के नाम पर फेक न्यूज परोसने वाले इन लोगों ने दुष्प्रचार के माध्यम से भारत के भोले-भाले लोगों को भ्रमित किया।
पहले कब आरोपों से घिरे नेविल?
इससे पहले अमेरिकी पत्रिका न्यू लाइन्स पत्रिका की जनवरी 2022 की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि नेविल ने गैर-लाभकारी संगठनों के एक नेटवर्क को लगभग 65 मिलियन डॉलर दिए हैं। आरोपों के मुताबिक, इन संगठनों ने चीन में उइगर मुस्लिमों के नरसंहार से इनकार किया।
नवंबर 2022 में इंटेलिजेंस ऑनलाइन ने खुलासा किया कि नेविल यूक्रेन को पश्चिमी समर्थन के खिलाफ पैरवी करने वाले समूहों को गुप्त रूप से धन मुहैया करा रहा था। यह सब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के खिलाफ प्रयासों की आड़ में करने का आरोप है।
नेविल रॉय सिंघम
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चीनी फंडिंग के आरोपों पर नेविल क्या कहते हैं?
हालिया आरोपों के जवाब में नेविल ने कहा, 'मैं स्पष्ट रूप से इनकार करता हूं कि मैं किसी राजनीतिक दल या सरकार या उनके प्रतिनिधियों का सदस्य हूं, उनके लिए काम करता हूं, उनसे आदेश लेता हूं या उनके निर्देशों का पालन करता हूं। मैं पूरी तरह से अपने विश्वासों से निर्देशित होता हूं, जो मेरे लंबे समय से चले आ रहे व्यक्तिगत विचार हैं।'