विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रॉस अदनॉम गैब्रयसस ने दुनियाभर में 12 अरब से अधिक कोविड टीके लगने को मानवीय इतिहास का सबसे बड़ा और तीव्रतम टीकाकरण अभियान बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कोविड के खिलाफ पुख्ता सुरक्षा के लिहाज से अब भी काफी गुंजाइश है।
विकासशील देशों के वैक्सीन मैन्युफैक्चरर्स नेटवर्क (डीसीवीएमएन) की वार्षिक बैठक को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 12 अरब से अधिक कोविड वैक्सीन खुराक में से 60 फीसदी का निर्माण डीसीवीएमएन ने किया है। इस उपलब्धि के बावजूद गरीब देशों में कोविड टीके की उपलब्धता एक गंभीर चिंता का विषय है।
डीसीवीएमएन की वार्षिक बैठक की मेजबानी पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की तरफ से की जा रही है। यह दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है। एसआईआई के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि दुनिया पहले से अधिक जागरूक है और भविष्य के प्रति सतर्क है। वैश्विक महामारियों से उबरने के लिए बुनियादी ढांचे और टीकों के वितरण की समानता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
डीसीवीएमएन विकासशील देशों के निर्माताओं का एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन है, जो 170 देशों को उच्च गुणवत्तापूर्ण टीकों के नवाचार, अनुसंधान, विकास, निर्माण और आपूर्ति में लगे हैं। संगठन का उद्देश्य विकासशील देशों में उच्च गुणवत्ता वाले टीकों के उत्पादन को बढ़ाकर विश्व स्तर पर ज्ञात और उभरती संक्रामक बीमारियों से लोगों की रक्षा करना है।