राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दावे पर सवाल उठाया है। उन्होंने अमित शाह के 'लाल डायरी' वाले बयान को लेकर रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री से पूछा कि अगर उन्हें डायरी का पता है, तो उसे सबके सामने लाएं।
क्या है मामला?
दरअसल, अमित शाह ने शनिवार को 'लाल डायरी' को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि इसमें राज्य सरकार के भ्रष्टाचार और काले कामों का कच्चा चिट्ठा है। गंगापुर शहर में एक 'सहकार किसान सम्मेलन' को संबोधित करते हुए शाह ने कहा था कि आज कल गहलोत साहब लाल रंग से बहुत डरते हैं। डायरी का रंग लाल है, लेकिन इसमें काले कारनामे छिपे हैं। लाल डायरी में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का ब्यौरा है।
कपिल सिब्बल ने कही यह बात
इसे लेकर कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि राजस्थान में अमित शाह ने 'लाल डायरी' को लेकर गहलोत पर निशाना साधा। 'लाल डायरी' कहां है अमित जी? उसे पेश करें। क्या आप 'बिरला-सहारा डायरी' के बारे में भूल गए, जिसमें काले कारनामे लिखे थे, छुपे नहीं?
बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने किया था दावा
दरअसल, राजस्थान के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जुलाई 2020 में आयकर छापे के दौरान कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ के आवास से जो लाल डायरी उन्होंने हासिल की थी, उसमें गहलोत के वित्तीय लेनदेन का ब्यौरा था। राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
पिछले साल मई में कांग्रेस छोड़ दी
सिब्बल यूपीए के पहले और दूसरे कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री थे। उन्होंने पिछले साल मई में कांग्रेस छोड़ दी और समाजवादी पार्टी के समर्थन से एक स्वतंत्र सदस्य के रूप में राज्यसभा के लिए चुने गए। उन्होंने अन्याय से लड़ने के मकसद के साथ एक गैर-चुनावी मंच 'इंसाफ' बनाया है।